TI Dilip Puri Death : मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी का आज अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बीच पूरा परिवार बिलख पड़ा। बहन ने गुस्सा जाहिर करते हुए सीएम मोहन यादव से अपील की है कि भाई के हत्यारे को मौत की सजा दो और उसके घर पर बुलडोजर चलाओ।
देवास। मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की मौत से परिवार और उनके पैतृक गांव में मातम पसरा है। रविवार रात इंदौर-बैतूल हाईवे पर शराब तस्करों को रोकने के दौरान एक ट्रक चालक ने उन्हें कुचल दिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक CPR देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सोमवार को धार जिले के उनके पैतृक गांव बरमंडल में उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेटकर लाया गया। भाई का शव देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले खातेगांव थाने में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
बहन बोली- भाई की हत्या करने वाले को मिले मौत की सजा
- दिलीप पुरी की बहन दीपिका गोस्वामी भाई को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि परिवार में तीन बहनें और दो भाई हैं। नवरात्र के दौरान दोनों भाई घर आए थे। दिलीप ने माता का पूजन किया और अगले ही दिन ड्यूटी पर लौट गए। किसी ने नहीं सोचा था कि अब वह कभी वापस नहीं आएंगे।
- दीपिका ने कहा कि उनके भाई की जान लेने वाले आरोपी को मौत की सजा मिलनी चाहिए। उसके घर पर बुलडोजर चलाया जाए। उन्होंने इस घटना में शामिल शराब माफिया और दूसरे लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि इस मामले में किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाना चाहिए।
बहन ने हादसा मानने पर उठाए सवाल
दीपिका ने घटना को महज हादसा मानने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि अगर यह सामान्य दुर्घटना होती तो दूसरे लोगों को भी चोट लगती या नुकसान होता, लेकिन इस घटना में सिर्फ उनके भाई की जान गई। परिवार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहता है।
पिता, साले और दोस्तों ने भी मांगा इंसाफ
- दिलीप पुरी के पैतृक गांव पहुंचकर उनके पिता, बहन, साले और दोस्तों ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। सभी का कहना है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ड्यूटी कर रहे किसी दूसरे पुलिसकर्मी के साथ ऐसी घटना न हो।
- दिलीप पुरी की मौत से परिवार ने अपना बेटा और भाई खो दिया, वहीं पुलिस विभाग ने एक अधिकारी खो दिया, जो ड्यूटी के दौरान शराब तस्करी रोकने की कोशिश कर रहा था।






