Dharmendra Pradhan News: बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार अपने इस्तीफे और Gen Z के जरिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को लेकर खुलकर बातचीत की। साथ ही उन्होंने अपने तेवर से यह भी बता दिया कि उनका आगे का प्लान क्या है।
संबलपुर (ओडिशा) : पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार अपने इस्तीफे पर बयान देते हुए खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा-किसी भी मंत्री पद से ज़्यादा ज़रूरी युवा पीढ़ी की उम्मीदें और संकल्प हैं। जेन-जी हमारे बच्चे हैं। उन्हें देश के कुछ लोगों ने भटकाने की कोशिश की मैंने जो भी किया वह देश के हित को पहली प्राथमिकता देते हुए किया। मैंने इस्तीफ देने का फैसला पीएम मोदी से बातचीत करने के बाद लिया।
पीएम ने खुद Gen Z से सीधे बातचीत की
प्रधान ने ओडिशा के संबलपुर में पद्म पुरस्कार विजेताओं के सम्मान में आयोजित 'माटीर महाक' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा “Gen Z हमारे बच्चे हैं, मेरे लिए मंत्री पद प्रतिष्ठा का सवाल बिल्कुल नहीं था... नई पीढ़ी के संकल्प के आगे मेरी ज़िम्मेदारी कुछ भी नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, "मैंने पीएम को नई पीढ़ी के संकल्प की हकीकत समझाने की कोशिश की, जिसके बाद उन्होंने सीधे Gen Z से बात की। देशहित से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
NEET-UG 2026 पेपर लीक दिया इस्तीफा
आपको बता दें कि पिछले महीने 25 जुलाई को, प्रधान ने NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद पर देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वह छात्रों के व्यापक हित में पद छोड़ रहे हैं, ताकि देश के युवा 'भ्रम के जाल में न फंसें'।
प्रधान बोले-मैं वापस लौटकर आऊंगा
प्रधान ने कहा मैं किसान का बेटा हूं। ‘मैंने ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों का सिर कभी शर्म से नहीं झुकने दिया। जब तक मैं जिंदा हूं, तब तक आपके भरोसे को नहीं तोड़ूंगा और ऐसा कोई काम नहीं करूंगा, जिससे ओडिशा के गौरव और स्वाभिमान को ठेस पहुंचे।’ आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे, तब भी मैं वापस आऊंगा। इसके अलावा प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा- आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे, तब भी मैं वापस लौटकर आऊंगा।’ मैं ओडिशा के लोगों को लिए दिन रात खड़ा हूं, कहीं भी जाऊं वापस यहीं आऊंगा।
आखिर क्या है प्रधान का प्लान B?
धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा में जिस तेवर और अंदाज में स्पीच देते हुए लोगों से बातचीत की उससे तो यही लगता है कि या तो मोदी सरकार प्रधान के लिए गृहराज्य में कोई बड़ी भूमिका देने वाली है। या फिर उन्हें केंद्र में खासकर संगठन में बड़ा रोल मिलने वाला है। क्योंकि उनके इस्तीफे से ना तो पीएम मोदी नाराज है और ना ही पार्टी। बीजेपी ने जरूर उनके लिए प्लान बी सोचकर रखा है।


