Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद पर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की थी और आरोप लगाया कि 'Gen Z' को गुमराह करने की कोशिश की गई.

NEET Paper Leak: NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि NEET को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुछ लोगों ने ‘Gen Z’ यानी युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश की थी। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री का पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा और उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।

‘पद मेरे लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा’

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण देश और युवाओं का भविष्य है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी भारत को आगे ले जाने वाली है और उनकी आकांक्षाओं को समझना जरूरी है। प्रधान के मुताबिक, NEET विवाद के दौरान पैदा हुई परिस्थितियों के बीच उन्होंने व्यक्तिगत हित के बजाय अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी और प्रधानमंत्री के सामने इस्तीफे की पेशकश की।

‘Gen Z हमारे बच्चे हैं’

NEET विवाद और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा कि ‘Gen Z हमारे बच्चे हैं’ और कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि देश में हर साल करोड़ों बच्चे जन्म लेते हैं और पिछले एक दशक में बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी तैयार हुई है। इन युवाओं की अपनी आकांक्षाएं हैं और वे भारत को वैश्विक स्तर पर आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

BJD और नवीन पटनायक पर भी निशाना

भुवनेश्वर के बाद रायराखोल में एक अन्य कार्यक्रम के दौरान प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने BJD कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए विरोध-प्रदर्शन और ‘धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ’ के नारों पर कहा कि उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि अगर उन्हें वापस जाने के लिए कहा जाएगा, तब भी वह लौटकर आएंगे।

‘क्या मैंने ओडिशा को शर्मिंदा किया?’

प्रधान ने पटनायक के कथित बयानों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी ऐसा कोई काम किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े। उन्होंने कहा कि वह अपने काम से राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला कोई कदम नहीं उठाएंगे। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की आराध्य देवी समलेश्वरी का आशीर्वाद मिलने की बात भी कही।

BJD ने किया पलटवार

धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर BJD नेता और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधान को बदनाम करने की जरूरत किसी को नहीं है, बल्कि NEET आंदोलन को संभालने के तरीके को लेकर सरकार और पार्टी की आलोचना हुई। पुजारी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के कारण प्रधान की छवि प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि NEET विवाद के लिए नवीन पटनायक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

संबलपुर में कार्यकर्ताओं की हिरासत

इस बीच, BJD के युवा और छात्र संगठनों के विरोध-प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर संबलपुर पुलिस ने एहतियाती कदम उठाया। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने BJD के करीब 30 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। NEET विवाद से शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी अब ओडिशा की सियासत में भी तीखी बहस का रूप ले चुकी है। आने वाले दिनों में प्रधान के बयान और BJD के पलटवार से राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं।