दिशा सालियान मौत मामले में एक नया मोड़ आ गया है। सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने शनिवार को सीबीआई को कुछ नए और अहम सबूत सौंपे हैं। इससे बड़ा राज सामने आएगा और असली आरोपी कौन है वह पकड़ा जाएगा?

ठाणे (महाराष्ट्र) : दिशा सालियान की मौत के मामले में शनिवार को एक बड़ा अपडेट सामने आया। सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने कहा कि जैसे-जैसे नए सबूत सामने आ रहे हैं, उनकी पुरानी बातें सच साबित हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की बहाली को लेकर गृह मंत्रालय को जो रिपोर्ट सौंपी गई है, उसने इस केस में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

वकील ने क्यों कहा उनके हाथ लगा अहम सबूत?

  • इस केस में सतीश सालियान की पैरवी कर रहे ओझा ने कहा, “इस मामले को लेकर हमने जो भी मुद्दे उठाए थे, वो अब नए सबूतों के साथ सही साबित हो रहे हैं। झूठे कवर-अप और दिशा की बॉडी की हालत से लेकर हाई कोर्ट के आदेश, SIT की रिपोर्ट और CBI के पास मौजूद रिकॉर्ड्स तक, हमारे सभी दावे सच निकल रहे हैं।”
  • ओझा ने बताया कि उनके हाथ एक नया और अहम सबूत लगा है। यह सबूत गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट है। उन्होंने कहा, “हमें जो नई रिपोर्ट मिली है, उसमें साफ लिखा है कि 5 जून 2020 को सचिन वाजे को जल्दबाजी में ड्यूटी पर वापस लाया गया और क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में तैनात कर दिया गया।”
  • ओझा ने आरोप लगाया कि CIU में वाजे की नियुक्ति नियमों के खिलाफ थी। उन्होंने बताया, “नियमों के मुताबिक CIU के लिए पुलिस इंस्पेक्टर (PI) रैंक का अधिकारी होना चाहिए था। लेकिन सचिन वाजे इस शर्त को पूरा नहीं करते थे। उनकी रैंक कम थी, फिर भी नियमों को ताक पर रखकर उन्हें वहां बैठा दिया गया।”
  • वकील ने सीधा आरोप लगाया कि वाजे को एक बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए ही आनन-फानन में बहाल किया गया था। ओझा ने कहा, "ये सबूत इशारा करते हैं कि दिशा की हत्या और उसे छिपाने की साजिश रचने के लिए ही वाजे की वापसी हुई थी। इसके अलावा जबरन वसूली, ड्रग्स का धंधा और बाकी गैरकानूनी काम भी इसी साजिश का हिस्सा थे।"

CBI को सौंपी सारी डिटेल्स

ओझा ने बताया कि शनिवार को ये सारी जानकारी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दी गई है। उन्होंने CBI को लिखे पत्र में तीन और बड़ी मांगें रखी हैं। ओझा ने रिपोर्टर को बताया, "हमने आज CBI को सारी डिटेल्स दे दी हैं। अपनी चिट्ठी में हमने तीन अहम मांगें भी रखी हैं। हम जल्द ही हाई कोर्ट में एक नई याचिका दायर करने वाले हैं। इसमें हम आरोपियों को कस्टडी में लेकर पूछताछ करने और हाई कोर्ट की निगरानी में जांच आगे बढ़ाने की मांग करेंगे।"

जानिए क्या है दिशा सालियान डेथ केस?

आपको बता दें कि 8 जून 2020 को मुंबई में दिशा सालियान मृत पाई गई थीं। शुरुआत में पुलिस ने इसे एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) के तौर पर दर्ज किया था। दिशा की मौत के कुछ ही दिन बाद एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी, जिसके बाद काफी बवाल मचा था और एक हाई-प्रोफाइल जांच शुरू हुई थी। बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI को इस मामले में औपचारिक FIR दर्ज करके नए सिरे से जांच करने का निर्देश दिया था। अब जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सतीश सालियान ने अपने वकील नीलेश ओझा के साथ मिलकर एक पेन ड्राइव सौंपी है। उनका दावा है कि इसमें दिशा की मौत से जुड़े कई अहम सबूत हैं। (ANI)