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'गुलामों के बच्चे': ट्रंप का बर्थराइट सिटिज़नशिप पर अजीबो गरीब बयान-क्या खत्म होगा 14वां संशोधन?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई से पहले, जन्मसिद्ध नागरिकता पर डोनाल्ड ट्रंप की "गुलामी" वाली टिप्पणी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। US सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले बर्थराइट सिटिज़नशिप पर घमासान, क्या 14वां अमेंडमेंट खतरे में है?

Trump Birthright Citizenship Controversy: अमेरिका में एक बार फिर जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह अधिकार “गुलामों के बच्चों” के लिए बनाया गया था, न कि अमीर विदेशियों के बच्चों के लिए। इस बयान ने न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में बहस छेड़ दी है।
Supreme Court सुनवाई से पहले क्यों बढ़ा तनाव?
यह बयान ऐसे समय आया है जब US Supreme Court 1 अप्रैल को एक अहम केस की सुनवाई करने वाला है। यह मामला ट्रंप सरकार के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें अमेरिका में जन्मे कुछ बच्चों को नागरिकता देने के नियम को सीमित करने की कोशिश की गई है। अब सवाल यह है कि क्या कोर्ट ट्रंप के फैसले को सही ठहराएगा या इसे खारिज करेगा?
🚨🇺🇸 Trump just posted that birthright citizenship was written for "the BABIES OF SLAVES," not for wealthy foreigners paying to birth their children into U.S. citizenship.
He ended it with: "Dumb Judges and Justices will not a great Country make."
The 14th Amendment is now in a… pic.twitter.com/sfOfpckS7A— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 30, 2026
आखिर Birthright Citizenship है क्या?
अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग हर बच्चे को नागरिकता मिलती है। यह अधिकार 14th Amendment के तहत दिया गया है, जो 1868 में लागू हुआ था। इसका मकसद गृहयुद्ध के बाद गुलामों के बच्चों को बराबरी का हक देना था। लेकिन अब ट्रंप का कहना है कि इस कानून का गलत इस्तेमाल हो रहा है।
Trump's executive order stripping birthright citizenship is headed to the Supreme Court, with the case drawing parallels to the 1898 Wong Kim Ark ruling, which established that the 14th Amendment guarantees citizenship to nearly all born on US soil https://t.co/uuGFopVW0tpic.twitter.com/lG1yeXuFfW
— Reuters (@Reuters) March 30, 2026
ट्रंप का तर्क क्या है?
ट्रंप का दावा है कि दुनिया के कई अमीर लोग अपने बच्चों को अमेरिका में जन्म दिलाकर नागरिकता दिलवा रहे हैं। उनका मानना है कि यह “सिस्टम का दुरुपयोग” है। इसी वजह से उन्होंने 2025 में एक आदेश जारी किया, जिसमें अवैध या अस्थायी वीज़ा पर रह रहे लोगों के बच्चों को स्वतः नागरिकता देने पर रोक लगाने की कोशिश की गई।
क्या यह सच में कानून के खिलाफ है?
कई कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम संविधान के खिलाफ हो सकता है, क्योंकि 14वां संशोधन साफ तौर पर कहता है कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति नागरिक है। वहीं, ट्रंप समर्थक कहते हैं कि “अधिकार क्षेत्र” (jurisdiction) की व्याख्या बदलने की जरूरत है।
क्या यह मामला इतिहास से जुड़ा है?
इस पूरे विवाद की जड़ें अमेरिकी इतिहास में हैं। 1857 का Dred Scott Decision एक ऐसा फैसला था, जिसमें अफ्रीकी मूल के लोगों को नागरिकता से वंचित कर दिया गया था। बाद में 14वें संशोधन ने इस फैसले को पलट दिया और सभी को नागरिकता का अधिकार दिया। ट्रंप का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि एक बड़े कानूनी और सामाजिक बदलाव का संकेत हो सकता है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर है।
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