अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई में अब अरब देश भी शामिल होना चाहते हैं. ट्रंप के मुताबिक, जब ईरान ने इन देशों की जमीन पर मिसाइलें दागीं, तो उन्होंने अपना इरादा बदल लिया.
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई में अब कई अरब देश भी सक्रिय रूप से शामिल होना चाहते हैं. CNN को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि पहले ये अरब देश हिचकिचा रहे थे, लेकिन जब ईरान ने उनकी धरती पर मिसाइलें दागीं तो उनका रुख बदल गया. ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर और UAE में होटलों और अपार्टमेंट्स को भी निशाना बनाया. इस हमले ने अरब जगत को भड़का दिया. ट्रंप ने कहा, "हमने उनसे कहा था कि आपको इसमें पड़ने की ज़रूरत नहीं है. लेकिन अब वे लड़ना चाहते हैं. वे पूरी तरह से मैदान में हैं."
ट्रंप ने चेतावनी दी कि मौजूदा सैन्य कार्रवाई उम्मीद से ज़्यादा तेज़ी से आगे बढ़ रही है और ईरान पर अभी सबसे बड़ा हमला होना बाकी है. सोमवार को अमेरिका और छह अरब देशों (बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और UAE) ने एक साझा बयान भी जारी किया. इस बयान में कहा गया है कि ईरान की यह हरकत खुलेआम कानून का उल्लंघन है और इसके भयानक नतीजे होंगे. बयान में ईरान पर आम नागरिकों को निशाना बनाकर इलाके की शांति भंग करने का भी आरोप लगाया गया.
इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले को सही ठहराया था. ट्रंप ने दोहराया कि ईरान का परमाणु हथियार बनाना दुनिया के लिए खतरा है. उन्होंने कहा कि ईरान ने सभी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ कर दिया, इसलिए सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी. ट्रंप ने यह भी कहा, "हमने यह हमला दुनिया की सुरक्षा के लिए किया है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिका के लिए खतरा हैं. अमेरिका जब तक चाहे, युद्ध जारी रख सकता है." उन्होंने दावा किया कि ईरानी नौसेना के 10 जहाज़ों को नष्ट कर दिया गया है.
इस बीच, ईरान-इजरायल संघर्ष पर अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ का भी बयान आया है. उन्होंने मीडिया से कहा कि युद्ध कितने समय तक चलेगा, इसका फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे. हेगसेथ ने युद्ध की कोई समय-सीमा बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, "हमलों का समय और दायरा घटता-बढ़ता रहेगा. वे किस तरह के होंगे, यह अभी नहीं कहा जा सकता." हेगसेथ ने यह भी साफ किया कि ऐसे मामलों में आखिरी फैसला राष्ट्रपति ही लेते हैं. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में और भी अमेरिकी लड़ाकू विमान मिडिल ईस्ट पहुंचेंगे.


