ईरान और क्यूबा से बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का हवाला देकर अपने बेटे की शादी में जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। उन्होंने वाशिंगटन में ही रुकने का फैसला किया है।
वाशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच जंग जैसे हालात और दुनिया भर में चल रहे सियासी संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने शुक्रवार को कन्फर्म किया कि वो इस वीकेंड बहामास में होने वाली अपने बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर (Donald Trump Jr.) की शादी में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने भावुक होकर कहा, "देश के प्रति मेरा प्यार और सरकार की मौजूदा जिम्मेदारियां मुझे इस वक्त वाशिंगटन छोड़ने की इजाजत नहीं देतीं।"

इससे एक दिन पहले ही ट्रंप ने इशारा दिया था कि ईरान के साथ तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यह शादी के लिए "सही समय नहीं" (Bad Timing) है। आपको बता दें कि इस वीकेंड बहामास द्वीप पर डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और बेटिना एंडरसन (Bettina Anderson) की हाई-प्रोफाइल शादी होने वाली है।
'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने क्या लिखा?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं अपने बेटे डॉन जूनियर और उसकी होने वाली पत्नी बेटिना, जो हमारे ट्रंप परिवार की नई सदस्य बनने जा रही हैं, के साथ रहना बहुत पसंद करता। लेकिन, सरकार की मौजूदा इमरजेंसी और अमेरिका के लिए मेरा बेपनाह प्यार मुझे ऐसा करने की इजाजत नहीं दे रहा है।"
उन्होंने आगे लिखा, "मुझे लगता है कि इस बेहद नाजुक और अहम वक्त में मेरा वाशिंगटन डी.सी. यानी व्हाइट हाउस (White House) में रहना देश के लिए बहुत जरूरी है। डॉन और बेटिना को मेरी तरफ से दिल से बधाई!"
व्हाइट हाउस ने दौरा रद्द किया
राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान के तुरंत बाद व्हाइट हाउस ने एक आधिकारिक घोषणा की। इसमें बताया गया कि ट्रंप के वीकेंड ट्रैवल प्लान को पूरी तरह से बदल दिया गया है। पहले के प्लान के मुताबिक, ट्रंप को न्यू जर्सी में अपने गोल्फ रिसॉर्ट जाना था। लेकिन अब उस दौरे को रद्द कर दिया गया है और वह अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में ही रहेंगे।
यह इतना नाजुक वक्त क्यों है?
हालांकि ट्रंप ने साफ-साफ यह नहीं बताया है कि उन्होंने मौजूदा हालात को "बेहद अहम दौर" क्यों कहा, लेकिन माना जा रहा है कि इसकी सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट (Middle East War) में जंग खत्म करने के लिए चल रही शांति वार्ता है, जो अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गई है। ईरान इस वक्त अमेरिका के दिए गए नए शांति प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इसी बीच, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के प्रभावशाली सेना प्रमुख भी तुरंत तेहरान (ईरान की राजधानी) के लिए रवाना हो गए हैं।
क्यूबा के साथ भी बढ़ा तनाव, जंगी जहाज तैनात
दूसरी तरफ, अमेरिका ने कम्युनिस्ट शासन वाले देश क्यूबा पर भी अपना दबाव बढ़ा दिया है। एक अमेरिकी अदालत ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो (Raul Castro) के खिलाफ आरोप पत्र (Indictment) दायर किया है। हालात इतने गंभीर हैं कि अमेरिकी सेना ने अपने विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर (विमानवाहक युद्धपोत) और उसके साथ चलने वाले जंगी जहाजों को कैरेबियन सागर की ओर भेज दिया है। ऐसे जंगी माहौल में ट्रंप ने देश न छोड़ने का फैसला किया है।
