Election Commission: चुनाव आयोग ने एसआईआर (SIR) लिस्ट से बाहर हुए वोटर्स को वापस जोड़ने का निर्देश दिया है। यह आदेश केरल समेत उन सभी राज्यों के लिए है, जहां एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
Form 6 Voter Registration: चुनाव आयोग ने उन राज्यों में मतदाता सूची को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आयोग ने राज्य के चुनाव अधिकारियों से कहा है कि पुनरीक्षण के दौरान सूची से बाहर रह गए किसी भी योग्य मतदाता को दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया तेज की जाए। आयोग के निर्देशों में मतदाता सूची को अधिक सटीक और समावेशी बनाने पर जोर दिया गया है।
पुरानी और नई वोटर लिस्ट का होगा मिलान
आयोग ने अधिकारियों को पुरानी और नई मतदाता सूचियों का मिलान करने को कहा है। इसका मकसद ऐसे योग्य मतदाताओं की पहचान करना है, जिनका नाम SIR के बाद तैयार सूची में शामिल नहीं हो पाया है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया के तहत ऐसे मतदाताओं को सूची में जोड़ने की कार्रवाई करनी होगी।
घर-घर जाकर होगी पहचान
निर्देश के मुताबिक, अधिकारियों को छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करना होगा। योग्य पाए जाने वाले लोगों के लिए फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। SIR पूरा कर चुके राज्यों में इसके लिए पुराने फॉर्म-6 का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है।
शक के आधार पर नाम नहीं कटेगा
आयोग ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया है कि केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। किसी नाम को हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उचित सत्यापन जरूरी होगा।
महाराष्ट्र में अभी SIR की प्रक्रिया
महाराष्ट्र में SIR की प्रक्रिया अभी चल रही है। आयोग की निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में अधिकारियों को मतदाताओं के नाम हटाने में जल्दबाजी नहीं करने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' समिति का दौरा टला
इधर, 'वन नेशन, वन इलेक्शन' से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति की गतिविधियां भी चर्चा में हैं। समिति की बैठकें और विशेषज्ञों से विचार-विमर्श का सिलसिला जारी है। सुप्रीम कोर्ट के प्रस्तावित दौरे को फिलहाल स्थगित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
