SIR के विरोध के बीच चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) का आदेश दिया है। 1 जनवरी 2027 पात्रता तिथि होगी। जानें किन राज्यों में प्रक्रिया होगी और इसका क्या उद्देश्य है।

Voter List Revision: देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवादों और विरोध प्रदर्शनों के बीच चुनाव आयोग (ECI) ने एक अहम फैसला लिया है। आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का 'विशेष सारांश पुनरीक्षण' (SSR) कराने का निर्देश जारी किया है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 का इस्तेमाल करते हुए चुनाव आयोग ने 1 जनवरी 2027 को पात्रता तिथि (Qualifying Date) तय किया है। इसका सीधा मकसद मतदाता सूचियों को ज्यादा सटीक और अपडेट बनाना है। आइए जानते हैं चुनाव आयोग के फैसले की बड़ी बातें...?

Election Commission Order: किन 17 राज्यों में होगा SSR?

  • आयोग का निर्देश: निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत यह आदेश जारी किया। संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है।
  • राज्यों की सूची: इस प्रक्रिया में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
  • SIR वाले राज्यों का कार्यक्रम बाद में: आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां SSR का कार्यक्रम अलग से घोषित किया जाएगा।
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SSR Voter List Revision: मतदाताओं को क्या होगा फायदा?

  • नए मतदाताओं को मौका: SSR के जरिए पात्र युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने पर जोर दिया जाएगा।
  • गलतियों में सुधार: मतदाता सूची में दर्ज नाम, पते और अन्य विवरणों की त्रुटियां ठीक करने का उद्देश्य है।
  • सूची की सटीकता: आयोग की इस प्रक्रिया से मतदाता सूची को अधिक अद्यतन और सटीक बनाने में मदद मिलेगी। पात्रता तिथि 1 जनवरी 2027 होने के कारण मतदाताओं के लिए अपनी पात्रता और सूची में दर्ज जानकारी की जांच करना अहम होगा।

Assembly Elections 2027: किन राज्यों में होने हैं चुनाव?

  • उत्तर प्रदेश: 403 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा।
  • पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड: इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर पूरा होगा। इनमें पंजाब की 117, गोवा की 40, मणिपुर की 60 और उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटें हैं।
  • चुनाव की समयसीमा: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत चुनाव आयोग विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले चुनाव करा सकता है। ऐसे में मतदाता सूची का समय पर पुनरीक्षण आगामी चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

SIR को लेकर विरोध के बीच आया यह आदेश मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया को लेकर अहम है। हालांकि, जिन राज्यों में SIR चल रहा है या पूरा हो चुका है, वहां SSR की तारीखों का इंतजार रहेगा।