झारखंड में 9 महीने से लापता एक लड़की का केस हाईकोर्ट की फटकार के 24 घंटे के अंदर ही सुलझ गया। लड़की की हत्या उसके प्रेमी ने ही की थी और अब उसका कंकाल मिला है। इस लापरवाही पर पूरे थाने के 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
रांची: झारखंड के पिंड्राजोरा पुलिस थाने के पूरे स्टाफ यानी 28 पुलिसकर्मियों को एक साथ सस्पेंड कर दिया गया है। वजह है एक लापता लड़की के केस में जानबूझकर की गई लापरवाही। पुलिस जिस केस को 9 महीने तक नहीं सुलझा पाई, उसे झारखंड हाईकोर्ट की फटकार के बाद सिर्फ 24 घंटे में सॉल्व कर दिया। हुआ ये कि 24 जुलाई 2023 को रेखा देवी नाम की एक महिला ने पिंड्राजोरा थाने में अपनी 18 साल की बेटी पुष्पा महतो के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने नौ महीने तक इस मामले में कोई खास कार्रवाई नहीं की। जब परिवार पूरी तरह परेशान हो गया तो उन्होंने इंसाफ के लिए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट की सख्ती और पुलिस का 'एक दिन का' एक्शन
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस के ढीले रवैये पर बेहद सख्त नाराजगी जताई। कोर्ट ने DGP से लेकर जिले के SP तक, सभी बड़े अधिकारियों को तलब कर लिया। हाईकोर्ट से डेडलाइन मिलते ही पुलिस की नींद टूटी। आनन-फानन में जांच शुरू हुई और सिर्फ एक दिन के अंदर पुलिस ने न सिर्फ लड़की का कंकाल ढूंढ निकाला, बल्कि उसके कातिल प्रेमी को भी गिरफ्तार कर लिया।
SP ने खोला पुलिस का कच्चा-चिट्ठा
शनिवार रात बोकारो के SP ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले से जुड़ी चौंकाने वाली बातें बताईं। उन्होंने खुलासा किया कि थाने के पुलिसवालों ने आरोपियों से पैसे लिए थे और उनके साथ पार्टियां भी की थीं। पीड़ित परिवार की मदद करने के बजाय, पुलिस आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही थी। जांच से जुड़ी जानकारी लीक करके पुलिस विभाग की छवि खराब की गई। इन्हीं गंभीर आरोपों के चलते पूरे थाने को सस्पेंड करने का फैसला लिया गया।
हत्या के पीछे की खौफनाक कहानी
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने टेक्निकल सबूतों और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) के आधार पर दिनेश कुमार महतो नाम के शख्स को पकड़ा। पूछताछ में उसने जो बताया, वो हैरान करने वाला था। दिनेश और पुष्पा पिछले 3 साल से रिलेशनशिप में थे। पुष्पा उस पर शादी के लिए दबाव बना रही थी, इसलिए दिनेश उससे पीछा छुड़ाना चाहता था।
21 जुलाई 2023 को पुष्पा एडमिशन के लिए चास कॉलेज गई थी। दिनेश भी वहां पहुंच गया। वह बात करने के बहाने पुष्पा को कॉलेज के पीछे करीब 1.5 किलोमीटर दूर एक सुनसान झाड़ी वाले इलाके में ले गया और चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह लाश को वहीं छोड़कर भाग गया। अब 9 महीने बाद, पुष्पा के शरीर की जगह सिर्फ उसका कंकाल ही मिल पाया है। अगर हाईकोर्ट ने इस मामले में दखल नहीं दिया होता, तो शायद यह राज कभी नहीं खुलता।
