Falta EVM Tape Controversy: पश्चिम बंगाल के फल्टा विधानसभा क्षेत्र में EVM पर टेप लगाए जाने के आरोप से बवाल मच गया। BJP ने वोट रोकने का आरोप लगाया, जिसके बाद चुनाव आयोग ने प्रभावित बूथों पर रीपोल के आदेश दे दिए।
पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र की फल्टा विधानसभा सीट मतदान से पहले ही राजनीतिक तनाव का केंद्र बन चुकी थी, लेकिन वोटिंग के दिन EVM पर टेप लगाए जाने के आरोप ने पूरे मामले को और विस्फोटक बना दिया। भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस पर मतदाताओं को BJP के पक्ष में वोट डालने से रोकने का गंभीर आरोप लगाया है।अब चुनाव आयोग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए प्रभावित बूथों पर दोबारा मतदान यानी रीपोल के आदेश दे दिए हैं। इस घटनाक्रम ने फल्टा को बंगाल चुनाव का सबसे चर्चित रणक्षेत्र बना दिया है।
पहले ‘सिंघम बनाम पुष्पा’, अब EVM पर टेप विवाद
फल्टा विधानसभा सीट, जो अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, पहले ही TMC उम्मीदवार जहांगीर खान और पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा के बीच टकराव को लेकर सुर्खियों में थी। IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा ने मतदान से पहले जहांगीर खान और उनके परिवार को सख्त चेतावनी दी थी कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पर खान ने पलटवार करते हुए कहा था-“अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं।” अब इसी सीट पर EVM छेड़छाड़ के आरोपों ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
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BJP उम्मीदवार ने लगाया वोट रोकने का आरोप
BJP उम्मीदवार देबंगशु पंडा ने आरोप लगाया कि कई मतदान केंद्रों पर उनके नाम और चुनाव चिन्ह के सामने लगे बटन को जानबूझकर टेप से ढक दिया गया था। उनका दावा है कि इससे मतदाता उनके पक्ष में वोट नहीं डाल पा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सब सुनियोजित तरीके से निष्पक्ष मतदान को प्रभावित करने के लिए किया गया। बताया गया कि बूथ नंबर 144 में यह मामला सबसे पहले सामने आया, जबकि बूथ 170 और 189 में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आईं।
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो
भाजपा आईटी सेल प्रमुख और बंगाल सह-प्रभारी अमित मालवीय ने इस मामले को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उठाया। उन्होंने कथित वीडियो साझा करते हुए लिखा कि कई बूथों पर BJP उम्मीदवार के नाम के सामने वोटिंग विकल्प को टेप लगाकर बंद कर दिया गया, जिससे मतदाता अपनी पसंद का वोट नहीं डाल सके। उन्होंने इसे “डायमंड हार्बर मॉडल” बताते हुए आरोप लगाया कि यही तरीका पहले भी चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया था। मालवीय ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जिस जहांगीर खान का बचाव कर रही हैं, यह उसी राजनीतिक मॉडल का हिस्सा है।
CPM उम्मीदवार के नाम के पास भी टेप
वीडियो में यह भी देखा गया कि केवल BJP ही नहीं, बल्कि CPM उम्मीदवार के नाम के पास भी टेप लगाया गया था। हालांकि CPM की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे विवाद और गहरा गया है, क्योंकि अब सवाल केवल एक पार्टी के वोट प्रभावित होने का नहीं, बल्कि पूरी चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता का बन गया है।
चुनाव आयोग ने दिए रीपोल के आदेश
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रभावित बूथों पर रीपोल कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह की और शिकायतें सामने आती हैं, तो पूरे विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान भी कराया जा सकता है। यह बयान चुनाव आयोग की गंभीरता को दर्शाता है और संकेत देता है कि किसी भी स्तर पर मतदान प्रक्रिया से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
तनाव के बीच फिलहाल शांत है स्थिति
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा व जहांगीर खान के बीच टकराव के बावजूद फिलहाल फल्टा में स्थिति शांत बताई जा रही है। जहांगीर खान पार्टी कार्यालय के भीतर रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं और अब तक बाहर नहीं निकले हैं। स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय बल भी पूरे इलाके में सतर्क हैं ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण बनी रहे।
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