राजस्थान के डूंगरपुर में Fake Currency Racket का खुलासा हुआ है। पुलिस ने नकली नोट छापने के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। कथित मास्टरमाइंड को 1,300 किलोमीटर पीछा कर पंजाब से पकड़ा गया। जांच में ‘फर्जी’ वेब सीरीज का एंगल भी सामने आया है।

Fake Currency Racket: बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर की लोकप्रिय वेब सीरीज 'फर्जी' की कहानी अब असल जिंदगी में भी दोहराई जा रही है। राजस्थान के डूंगरपुर जिले की पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो इस सीरीज से प्रेरित होकर धड़ल्ले से जाली नोट छाप रहा था और बाजार में खपा रहा था। पुलिस ने 1300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद गिरोह के मास्टरमाइंड को पंजाब से दबोच लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो अलग-अलग राज्यों से मिलकर इस काले कारोबार को चला रहे थे।

Mastermind Arrest: 1300 किमी का पीछा और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी

  • शुरुआती कार्रवाई: 30 सितंबर को डूंगरपुर पुलिस ने रामसागडा इलाके से दो आरोपियों-भावेश खटीक और नयन जोशी को पकड़ा था, जिनके पास से करीब 4.95 लाख रुपये के जाली 500 रुपये के नोट बरामद हुए थे।
  • मास्टरमाइंड का सुराग: पूछताछ में उत्तर प्रदेश के रहने वाले रवि कुमार मिश्रा का नाम सामने आया, जो इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड था।
  • फिल्मी स्टाइल में दबोचा: पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही रवि फरार हो गया और लगातार ठिकाने बदलने लगा। राजस्थान पुलिस ने तीन दिनों तक करीब 1300 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और आखिरकार लुधियाना रेलवे स्टेशन से उसे धर दबोचा।
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Farzi Series Inspiration] 'फर्जी' से मिला आइडिया, अलीबाबा से मंगाते थे कागज

जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने अपराध का यह तरीका वेब सीरीज देखकर ही सीखा था:

  • ट्रेनिंग और डिजाइन: हरियाणा के अंबाला निवासी आनंद राजपूत ने रवि को जाली नोट बनाना सिखाया था। वहीं, छत्तीसगढ़ के तरुण मलेकर ने 500 रुपये के नोटों की फोटोशॉप PSD फाइलें उपलब्ध कराई थीं।
  • अलीबाबा का इस्तेमाल: मास्टरमाइंड ने चीनी ऑनलाइन मार्केटप्लेस 'अलीबाबा' के जरिए जाली नोट छापने के लिए विशेष कागज मंगवाए थे।
  • टेलीग्राम चैनल: उत्तर प्रदेश के कानपुर से पकड़े गए आरिफ मोहम्मद उर्फ 'अंकित' पर आरोप है कि वह 'अंकित पेपर सेलर' नाम से टेलीग्राम चैनल चलाकर इस धंधे के लिए पेपर की सप्लाई करता था।

फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के बाकी नेटवर्क और अन्य जगहों पर फैले संपर्कों का भी खुलासा किया जा सके।