Tiger Shroff Firing Case में पुलिस Signal और Zangi ऐप पर हुई कथित बातचीत की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को शूटरों और कथित हैंडलर्स के बीच संपर्क का शक है। सूरत से दो पिस्तौल और 10 कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस अन्य कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच इस हाई-प्रोफाइल मामले की तह तक जाने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अब जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इस खतरनाक साजिश को अंजाम देने के लिए सामान्य कॉल्स के बजाय 'सिग्नल' (Signal) और 'जैंगी' (Zangi) जैसे सुरक्षित मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया था, ताकि वे सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच सकें।
Tiger Shroff Firing Case: Signal और Zangi चैट की जांच
- पुलिस सूत्रों के मुताबिक, समीर हसन खत्री और जतिन कृष्ण पंचाल के कथित तौर पर अनिल पंडित से सीधे संपर्क में होने की जांच की जा रही है।
- आरोप है कि समीर ने शूटर रेहान अंसारी और अनिल पंडित के बीच संपर्क कराने में भूमिका निभाई थी।
- जांचकर्ता मैसेजिंग ऐप पर हुई बातचीत और उपलब्ध डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपियों के बीच तालमेल की कड़ियां जोड़ रहे हैं।
Chena Forest: क्या जंगल में हुई थी फायरिंग की प्रैक्टिस?
- गुरुवार को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल की टीम तीन संदिग्धों को मीरा-भायंदर के चेना जंगल ले गई।
- पुलिस को शक है कि इस जगह का इस्तेमाल गोली चलाने की प्रैक्टिस के लिए किया गया होगा। टीम ने मौके का निरीक्षण कर सबूत जुटाने की कोशिश की।
- मामले में एक महिला को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उसकी कथित भूमिका की जांच जारी है।
- आगे की जांच और सबूत जुटाने के लिए पुलिस की दो टीमें हरियाणा भी भेजी गई हैं।
Tiger Shroff Case Update: सूरत से दो हथियार बरामद
- मुंबई क्राइम ब्रांच ने सूरत से दो पिस्तौल और 10 कारतूस बरामद किए हैं। इन्हें फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा गया है।
- पुलिस हथियारों के स्रोत, आरोपियों के नेटवर्क और अनिल पंडित के ठिकाने का पता लगाने में जुटी है।
- जांचकर्ता यह भी पता कर रहे हैं कि क्या आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ के अलावा अन्य हाई-प्रोफाइल लोगों से जुड़ी जगहों की रेकी की थी।
Shooters Alert: टीवी पर चेहरे दिखते ही मिला था संदेश?
- पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 18 अक्टूबर को जुहू में फायरिंग के बाद टीवी कवरेज में संदिग्धों के चेहरे दिखने पर शूटरों को सतर्क किया गया था।
- जांचकर्ताओं को शक है कि हैंडलर्स उन्हें पुलिस की जांच और उनकी पहचान से जुड़ी जानकारी भेज रहे थे।
- वारदात के बाद आरोपी कथित तौर पर मोटरसाइकिल, ट्रेन और कैब से भागे थे। बाद में तीन संदिग्धों को कोटा से गिरफ्तार किया गया।
- पुलिस अब डिजिटल बातचीत, हथियारों और कथित हैंडलर्स के बीच संबंधों की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की भूमिका और हमले की पूरी साजिश को लेकर जांच जारी है।
- ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत से बरामद दो हथियारों के साथ 10 कारतूस भी फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच के लिए भेजे गए हैं। Signal और Zangi के इस्तेमाल को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।


