Maharashtra Police: महाराष्ट्र के वर्धा में मेडिकल जांच के दौरान महिला डॉक्टर को आरोपी ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के सामने थप्पड़ मार दिया। VIDEO वायरल होने के बाद डॉक्टरों ने विरोध शुरू किया। सवाल उठा- पांच पुलिसकर्मी मौजूद थे तो हमला कैसे हुआ?
Maharashtra PHC Attack: महाराष्ट्र के वर्धा जिले से स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में मेडिकल जांच के दौरान एक आरोपी ने ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह सब पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुआ। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से सरकारी डॉक्टरों में भारी आक्रोश है और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
Wardha PHC Incident: क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ महिला डॉक्टर पर हमला?
- तलेगांव का मामला: आष्टी तालुका के तलेगांव श्यामजी पंत पीएचसी में बुधवार को पुलिस की एक टीम पांच जवानों के साथ आरोपी कादिर अली को मेडिकल जांच के लिए लाई थी।
- पुलिस के सामने बदसलूकी: जांच के दौरान आरोपी अली ने अचानक डॉक्टर श्रद्धा भुमरे को थप्पड़ जड़ दिया। मौके पर पांच पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद वे इस हमले को रोकने में नाकाम रहे।
- सख्त धाराओं में केस दर्ज: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 और 'महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा कर्मी अधिनियम, 2010' के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
Doctors Protest: डॉक्टरों का फूटा गुस्सा, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
- सुरक्षा को लेकर चिंता: इस शर्मनाक घटना के बाद स्थानीय सरकारी डॉक्टरों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। उनका सवाल है कि जब पुलिस सुरक्षा साथ थी, तो हमला कैसे हो गया।
- बढ़ते मामले: महाराष्ट्र में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: कोई नहीं पहुंचा सकता मेडिकल बिरादरी को नुकसान
इस बीच, देश में डॉक्टरों पर हो रहे हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी बेहद सख्त रुख अपना चुका है।
- जमानत खारिज: हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिन पर शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट करने का आरोप है।
- कड़ा संदेश: अदालत ने दो टूक कहा कि डॉक्टरों को बिना किसी डर के जनता की सेवा करने का माहौल मिलना चाहिए। बेंच ने स्पष्ट किया कि मेडिकल बिरादरी को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश जाना चाहिए।


