अमेरिका में FBI ने भारत के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और उसके साथी नीरज फरीदपुरिया को गिरफ्तार किया है। जिस पर कई हत्याओं के केस दर्ज हैं। जो लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग से का दुश्मन बताया जाता है।
भारत के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार किया है। हिमांशु भाऊ पर दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे 30 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। उसके खिलाफ इंटरपोल ने 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। हरियाणा पुलिस ने उस पर 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। हिमांशु का नाम 2022 में हरियाणा में 24 घंटे के अंदर हुई तीन हत्याओं के बाद चर्चा में आया था। उसकी गैंग की लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग से दुश्मनी भी बताई जाती है।
कौन है हिमांशु भाऊ, कहां का रहने वाला है?
- हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला बताया जाता है। वह हरियाणा और दिल्ली के अपराध जगत में सक्रिय रहा है। उस पर हत्या, रंगदारी और दूसरे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। पुलिस की नजर में वह लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों में शामिल था।
- हिमांशु भाऊ का नाम उस समय भी सुर्खियों में आया, जब उसकी गैंग ने 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। हालांकि, किसी गैंग की ओर से जिम्मेदारी लेने और किसी व्यक्ति की अपराध में भूमिका साबित होने के बीच अंतर होता है।
इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस
हिमांशु भाऊ को पकड़ने के लिए भारतीय एजेंसियां लंबे समय से प्रयास कर रही थीं। साल 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने भी उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया था। अमेरिका में उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और भारत प्रत्यर्पण को लेकर स्थिति पर नजर रहेगी।
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से क्यों है दुश्मनी?
हिमांशु भाऊ गैंग और लॉरेंस बिश्नोई तथा गोल्डी बराड़ से जुड़े गिरोहों के बीच दुश्मनी की खबरें सामने आती रही हैं। अपराध जगत में वर्चस्व, रंगदारी और गैंगवार को इस तरह की दुश्मनी की वजहों में गिना जाता है। हालांकि, किसी खास घटना के पीछे की वजह की पुष्टि जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जा सकती है।
नीरज फरीदपुरिया भी गिरफ्तार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी कार्रवाई में एक अन्य भगोड़े नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़ा गया। बताया गया है कि वह इस साल जमानत पर रिहा होने के बाद अपने टखने में लगा निगरानी ट्रैकर हटाकर गिरफ्तारी से बच रहा था। इस मामले में दोनों आरोपियों की कानूनी स्थिति, गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी संबंधित एजेंसियों के बयान के आधार पर ही स्पष्ट होगी।


