Who Saved Flydubai Captain Smit Machchhar: को-पायलट के हमले से घायर फ्लाईदुबई कैप्टन स्मित मच्छर की जब नब्ज कमजोर पड़ गई और होंठ नीले होने लगे, तब 34 हजार फीट ऊपर कौन बने उनका सहारा और कैसे बचाई जान? जानिए पूरी कहानी।
Smit Machchhar Health Update: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उस वक्त हालात बेहद गंभीर हो गए, जब कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर उनके को-पायलट ने हमला कर दिया। सिर और बाएं हाथ पर गहरी चोट लगने के बाद कैप्टन खून से लथपथ होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर पड़े। इसी दौरान विमान में मौजूद इजरायल के एक डॉक्टर ने आगे बढ़कर उनकी जान बचाने की कोशिश शुरू की। जानिए कौन थे फ्लाइट में मौजूद वो डॉक्टर, जो घायल कैप्टन स्मित मच्छार की जान बचाने के लिए 34 हजार फीट ऊपर, 45 मिनट तक डटे रहे।
कौन थे फ्लाइट में मौजूद वो डॉक्टर जिन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार को मरने से बचाया?
को-पायलट के हमले से बुरी तरह से घायल कैप्टन स्मित मच्छार के लिए फ्लाइट में मौजूद डॉक्टर शोटा मूसेव देवदूत बनकर आए। डॉ शोटा मूसेव के अनुसार उन्हें कॉकपिट से चीख-पुकार सुनाई दी तो वह तुरंत वहां पहुंचे। कैप्टन के सिर और हाथ पर काफी गहरे घाव थे और लगातार खून निकल रहा था। विमान में उस वक्त इलाज के सीमित साधन थे। डॉक्टर ने घावों पर दबाव बनाने के लिए टी-शर्ट का इस्तेमाल किया और क्रू से बर्फ के पैकेट मंगवाए। उनका कहना है कि करीब 45 मिनट तक उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा।
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“मैं जीना चाहता हूं, यहां मरना नहीं चाहता”
डॉक्टर के अनुसार, हर बार जब वे टी-शर्ट हटाकर खून देखते, तो फिर से ज्यादा रक्तस्राव होने लगता। कैप्टन बार-बार कहते रहे- ‘मैं मरना नहीं चाहता’ गंभीर हालत के बावजूद कैप्टन स्मित होश में थे। डॉक्टर के मुताबिक वह बार-बार कहते रहे, “मैं जीना चाहता हूं, यहां मरना नहीं चाहता।” डॉ. मूसेव उन्हें भरोसा दिलाते रहे कि विमान जल्द लैंड करेगा और वह अपने परिवार के पास लौटेंगे। पायलट को दर्द काफी था, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें दर्द की दवा देने से परहेज किया। उन्हें डर था कि दवा देने या शरीर को ज्यादा हिलाने से दोबारा तेज रक्तस्राव हो सकता है।
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कैप्टन स्मित मच्छार की नब्ज कमजोर पड़ गई, होंठ नीले पड़ने लगे
उड़ान के दौरान एक समय कैप्टन की नब्ज अचानक काफी कमजोर पड़ गई और उनके होंठ नीले पड़ने लगे। डॉक्टर ने क्रू को साफ चेतावनी दी कि अब ज्यादा वक्त नहीं है और विमान को जल्द से जल्द उतारना जरूरी है।
17 हजार फीट से ज्यादा की इमरजेंसी डीसेंट
फ्लाइट FZ1073 में 174 यात्री सवार थे। विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजने के बाद करीब 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आना शुरू किया। रिपोर्टों के मुताबिक घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए आखिरी कोशिश की, जिसके बाद विमान को सुरक्षित लैंड कराने में मदद मिली। विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर उतारा गया। कैप्टन को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए UAE शिफ्ट किया गया। भारतीय दूतावास के मुताबिक स्मित मच्छार अब धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं और उनकी हालत में लगातार सुधार है।
