फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में पायलट पर चाकू से हमला हुआ और विमान 16 हजार फीट नीचे आया। घायल कैप्टन स्मित मच्छार समेत यात्रियों ने 174 जानें बचाईं।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले ने 174 से ज्यादा यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके साथी पायलट ने चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मच्छार कॉकपिट के फर्श पर गिर पड़े और इसी दौरान बोइंग 737 मैक्स 8 तेजी से नीचे आने लगा।
घायल कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
हालात बेहद गंभीर होने के बावजूद कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्री और क्रू सदस्य अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू करने की कोशिश शुरू की। इस दौरान विमान में मौजूद कई लोगों ने अलग-अलग तरीके से मदद की।
प्लंबर यानीव हायून ने संभाला मोर्चा
- कॉकपिट में पहुंचने वाले यात्रियों में यानीव हायून भी थे, जिन्हें इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्लंबर बताया।
- हायून के मुताबिक, उन्होंने देखा कि मच्छार घायल हालत में नीचे पड़े थे और दूसरा पायलट कंट्रोल के पास था।
- हायून ने कंट्रोल की ओर बढ़कर हमलावर को पीछे खींचने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि विमान को संभालने की उन्हें औपचारिक ट्रेनिंग नहीं थी और उन्होंने टीवी पर देखी जानकारी के आधार पर ऐसा किया।
- इसके बाद क्रू और विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभालने में मदद की।
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डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव ने भी की मदद
- फ्लाइट में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव भी कॉकपिट की ओर पहुंचे।
- उन्होंने बताया कि उन्होंने हमलावर को कैप्टन मच्छार के ऊपर देखा था।
- मच्छार के सिर, हाथ और शरीर के दूसरे हिस्सों पर चोट के निशान थे और काफी खून बह रहा था।
- मुसाएव ने अन्य यात्रियों के साथ मिलकर हमलावर को काबू करने में मदद की।
- हमलावर को-पायलट को बांधने के लिए हेडफोन की तार और प्लास्टिक जिप-टाई का इस्तेमाल किया।
ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाली विमान की कमान
विमान में दो ऐसे पायलट भी मौजूद थे जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे। आपात स्थिति के दौरान वे कॉकपिट में पहुंचे। यात्री अल्मोग इटली के अनुसार, इनमें एक ब्रिटिश पायलट भी था, जिसने विमान को ऊपर उठाने, स्थिर करने और सऊदी अरब की ओर ले जाने में मदद की।
30 सेकंड से भी कम समय में हजारों फीट नीचे आया विमान
- हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। 30 सेकंड से भी कम समय में विमान करीब 16 हजार फीट नीचे आ चुका था। स्थिति संभालने के बाद फ्लाइट को इजराइल के बजाय सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर तबुक की ओर मोड़ा गया। वहां विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग हुई। कैप्टन मच्छार और दूसरे पायलट को अस्पताल ले जाया गया। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, मच्छार की हालत स्थिर थी।
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मुंबई के रहने वाले हैं कैप्टन स्मित मच्छार
कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई के रहने वाले भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने 2008 और 2009 में न्यूजीलैंड की मेनलैंड एयर में ट्रेनिंग ली थी। रिपोर्टों के मुताबिक, वह 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े और इससे पहले करीब एक दशक तक स्पाइसजेट के साथ काम कर चुके थे।
मोदी और नेतन्याहू ने की मच्छार की तारीफ
- मच्छार के साहस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तारीफ की।
- नेतन्याहू ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की।
- प्रधानमंत्री मोदी ने मच्छार को “हीरो” बताते हुए उनके साहस की सराहना की।
- इस घटना में कैप्टन मच्छार, यात्रियों, डेंटिस्ट, प्लंबर, ऑफ-ड्यूटी पायलटों और क्रू के सामूहिक प्रयास से विमान पर दोबारा नियंत्रण पाया गया और बड़ी संख्या में लोगों की जान बच सकी।
