Flydubai FZ1073 में ओमानी को-पायलट की ड्यूटी पर सवाल उठे हैं। इजराइल जाने वाली फ्लाइट में उसकी नियुक्ति, सुरक्षा क्लियरेंस और बैकग्राउंड की जांच जारी है।
Flydubai Flight Attack: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को हुए कॉकपिट विवाद ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उड़ान के दौरान ओमानी नागरिक बताए जा रहे को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। वह विमान को क्रैश कराना चाहता था, लेकिन पायलट स्मित मच्छार और दूसरे यात्रियों की मदद से उसकी इस साजिश को नाकाम कर दिया गया। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में 6 क्रू मेंबर समेत कुल 180 लोग सवार थे।
घटना के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि ओमान के नागरिक को इजराइल जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट में ड्यूटी आखिर कैसे मिली? हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि क्रू की नियुक्ति में कोई नियम टूटा था। इसकी जांच जारी है।
1. ओमानी नागरिक को इजराइल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली?
रिपोर्टों के मुताबिक, ओमान का रहने वाला आरोपी को-पायलट Flydubai का कर्मचारी था और FZ1073 में फर्स्ट ऑफिसर यानी को-पायलट की भूमिका में था। यहां सवाल उसकी राष्ट्रीयता को लेकर उठा है, क्योंकि ओमान के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इजराइली अधिकारी अब यह देख रहे हैं कि क्या ओमानी नागरिक के तौर पर उसके पास इजराइल जाने वाली इस उड़ान के लिए सभी जरूरी मंजूरियां और क्लियरेंस मौजूद थे।
2. क्या उसके पास कोई दूसरा पासपोर्ट या नागरिकता भी थी?
जांच में एक संभावना यह भी देखी जा रही है कि क्या को-पायलट के पास किसी दूसरे देश का पासपोर्ट हो सकता था। कुछ मीडिया रिपोर्टों में ऐसी संभावना का जिक्र हुआ है, लेकिन उसके पास दूसरी नागरिकता या पासपोर्ट होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे सिर्फ जांच का एक एंगल माना जा रहा है।
3. Flydubai की क्रू-चयन प्रक्रिया में क्या हुआ?
एक और बड़ा सवाल Flydubai की क्रू-असाइनमेंट और क्लियरेंस प्रॉसेस को लेकर भी है। क्या सामान्य प्रक्रिया के तहत ही उसकी ड्यूटी FZ1073 में लगाई गई थी या इस रूट के लिए कोई अतिरिक्त सुरक्षा जांच होती है? इजराइली अधिकारी अब इस पूरे सिस्टम की समीक्षा कर रहे हैं। घटना के बाद इजराइल ने वहां आने वाले विमानों के पायलटों की सुरक्षा जांच और पहचान की प्रक्रिया को और कड़ा करने की बात कही है।
ये भी पढ़ें : पायलटों के बीच चलती रही चाकूबाजी, हवा में गोते खाता रहा विमान; यात्रियों ने सुनाई खौफनाक कहानी
4. क्या को-पायलट के बैकग्राउंड में पहले से कोई संकेत था?
अब तक को-पायलट का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। उसकी उम्र, पिछला उड़ान अनुभव, ट्रेनिंग और पुराने नियोक्ताओं के बारे में भी आधिकारिक जानकारी सीमित है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कथित तौर पर एक सहकर्मी के हवाले से उसके रिलीजियस बिहैवियर को लेकर दावे किए गए हैं। लेकिन इन दावों से घटना की वजह साबित नहीं होती। अधिकारियों ने अभी हमले की मंशा को अंतिम नहीं माना है।
5. क्या हमला पहले से तय था?
यह जांच का सबसे अहम सवाल है। घटना के बाद इजराइल और UAE के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की है। यह भी देखा जा रहा है कि हमला अचानक हुआ या इसके पीछे कोई पहले से बनाई गई प्लानिंग थी। फिलहाल UAE और इजराइल ने जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना पहले से तय थी या इसका कोई अन्य कारण था। फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि ओमानी को-पायलट को इजराइल जाने वाली फ्लाइट में किस आधार पर क्लियर किया गया था और उसके पीछे की पूरी प्रक्रिया क्या थी, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा।
ये भी देखें: दुबई-तेल अवीव फ्लाइट ने अचानक क्यों बदला रूट, तेजी से नीचे आया विमान; वजह जान घूम जाएगा माथा
क्या है पूरा मामला?
- दुबई से इजराइल के तेलअवीव जा रही फ्लाइट के कॉकपिट में उस समय अफरातफरी मच गई, जब ओमान के को-पायलट ने अचानक पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया।
- कॉकपिट में संघर्ष के दौरान विमान तेजी से नीचे आया। इस दौरान घायल कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद यात्रियों की मदद से हमलावर पर काबू पाया गया।
- विमान में मौजूद दो अतिरिक्त Flydubai पायलटों ने भी बाद में विमान को संभालने में सहायता की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।

