गाजियाबाद में एक ज्योतिषी ने 13वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। उसके फ्लैट में माँ का 2-3 दिन पुराना शव मिला। वह आर्थिक और पारिवारिक संकटों के कारण डिप्रेशन में था। पुलिस इस दोहरी मौत के मामले की जांच कर रही है।

गाजियाबाद: दूसरों का भविष्य बताने वाले एक मशहूर ज्योतिषी ने 13वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह दिल दहला देने वाली घटना गाजियाबाद की है। जब पुलिस जांच के लिए ज्योतिषी के फ्लैट में पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर हैरान रह गई। फ्लैट के अंदर बिस्तर पर ज्योतिषी की मां की लाश पड़ी थी। जांच में पता चला कि मां की मौत 2 से 3 दिन पहले ही हो चुकी थी। इस दोहरी मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

मां की मौत पर गहराया शक

पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक शख्स 13वीं मंजिल से कूदा है। टीम मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल भिजवाया। इसके बाद पुलिस जांच के लिए ज्योतिषी के फ्लैट पर गई। 13वीं मंजिल पर बने इस फ्लैट में जब पुलिस दाखिल हुई, तो बिस्तर पर ज्योतिषी की मां सतनम कौर का शव मिला। हैरानी की बात यह थी कि उनकी मौत 2-3 दिन पुरानी लग रही थी। मां की मौत के कुछ दिन बाद बेटे का आत्महत्या करना पुलिस के लिए एक पहेली बन गया है।

पुलिस के मुताबिक, मां के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे। घर की तलाशी में कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पुलिस ने ज्योतिषी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और मामले की जांच कर रही है। अब पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि मां की मौत कैसे हुई। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं बेटे ने मां की हत्या करने के बाद तो आत्महत्या नहीं की।

गंभीर संकट से गुजर रहा था ज्योतिषी

42 साल का ज्योतिषी राजवीर चावला गाजियाबाद के कवि नगर में काफी मशहूर था। वह अपनी मां के साथ महागुन सोसाइटी के विनायक टावर की 13वीं मंजिल पर रहता था। उसकी पत्नी और बच्चे उसे छोड़कर जा चुके थे। बताया जा रहा है कि ज्योतिषी पिछले एक साल से डिप्रेशन में था। एक ही साल में परिवार में हुई कई मौतों और बिखराव से वह टूट चुका था। उसकी पूर्व पत्नी ने बताया कि ज्योतिष के काम से भी उसकी आमदनी घट गई थी, जिससे वह पैसों की भारी तंगी से जूझ रहा था।

करीब एक साल के अंदर ही ज्योतिषी की जिंदगी पूरी तरह बिखर गई थी। पत्नी से तलाक हो गया था। इसी एक साल में उसके पिता और भाई की भी मौत हो गई। भाई की मौत के बाद भाभी ने भी दूसरी शादी कर ली। घर में अब सिर्फ ज्योतिषी और उसकी मां ही बचे थे। पैसों की तंगी इतनी थी कि वह पिछले चार महीने से अपनी पूर्व पत्नी को गुजारा भत्ता भी नहीं दे पाया था।