गाजियाबाद पुलिस चौकी के पास धमाके के बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम से सोशल मीडिया पोस्ट में जिम्मेदारी का दावा किया गया। जानिए ISI एंगल और जांच में क्या सामने आया।
Ghaziabad Blast: गाजियाबाद की एक पुलिस चौकी के पास हुए कम तीव्रता के धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम के एक अनजान संगठन ने सोशल मीडिया पर वीडियो और बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इस चौंकाने वाले दावे के बाद दिल्ली-एनसीआर समेत कई संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और साइबर टीमें पोस्ट के डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर ली गई जिम्मेदारी
- सामने आया ऑडियो-विजुअल संदेश: ऑनलाइन जारी किए गए इस प्रोपोगंडा मटेरियल में अंग्रेजी का लिखित बयान और उर्दू में वॉयसओवर है, जिसमें पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की बात कही गई है।
- लाल किले की बरसी से कनेक्शन: यह धमाका लाल किले पर हुए हमले की बरसी से ठीक पहले हुआ है, जिससे एजेंसियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
- एनसीआर में बढ़ाई गई सुरक्षा: दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्र में महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाली जगहों पर चौकसी बढ़ा दी गई है, जबकि फॉरेंसिक टीम मौके से मिले सबूतों की जांच में जुटी है।
एजेंसियों का बड़ा दावा: पाकिस्तान की ISI का हो सकता है साइकोलॉजिकल गेम
- संगठन की विश्वसनीयता पर संदेह: आतंकवाद-रोधी डेटाबेस की शुरुआती जांच में 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम के किसी भी स्थापित संगठन के अस्तित्व की पुष्टि नहीं हुई है।
- ISI और गैंगस्टर का गठजोड़: खुफिया सूत्रों का मानना है कि यह कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं, बल्कि पाकिस्तान की ISI और गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी की मिलीभगत से चलाया गया एक मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psy-Ops) है।
- दशत फैलाने की साजिश: जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस तरह की छोटी घटनाओं को अंजाम देकर फर्जी नाम से ऑनलाइन घोषणापत्र जारी करना जनता में डर पैदा करने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की पुरानी पाकिस्तानी चाल है।
Terror Alert: संगठन की पहचान और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच
खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, आतंकवाद विरोधी डेटाबेस में इस नाम का कोई स्थापित संगठन दर्ज नहीं है। साइबर इंटेलिजेंस टीमें वीडियो अपलोड करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट, IP एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल कर रही हैं।
ISI Angle: मनोवैज्ञानिक अभियान का शक
जांच से जुड़े सूत्रों को संदेह है कि यह पोस्ट किसी स्थापित आतंकी संगठन का आधिकारिक संदेश नहीं, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी से जुड़ा कथित मनोवैज्ञानिक अभियान हो सकता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच NCR के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। फोरेंसिक विशेषज्ञ धमाके की जगह से मिले सबूतों की जांच कर रहे हैं।














