Tukaram Mundhe: दीवाली पर मिठाई खरीदने से पहले सुन लें ये बात! खाद्य आयुक्त ने क्यों दी चेतावनी?

दीवाली पर मिठाई खरीदने जा रहे हैं? तो महाराष्ट्र के खाद्य आयुक्त तुकाराम मुंढे का यह संदेश जरूर सुन लीजिए! उनका कहना है कि सुरक्षित भोजन कोई सरकारी कृपा नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है। आखिर खाद्य सुरक्षा को लेकर उन्होंने लोगों से क्या अपील की?

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Diwali Food Safety: दीवाली पर बाजारों में मिठाइयों और दूसरे खाद्य पदार्थों की खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। महाराष्ट्र के खाद्य आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इसी मुद्दे पर एक वीडियो जारी कर लोगों को अहम संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि सुरक्षित भोजन हर नागरिक का अधिकार है, न कि त्योहारों पर मिलने वाली कोई कृपा। उनके मुताबिक, जनस्वास्थ्य के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

Food Safety: सुरक्षित भोजन हर नागरिक का अधिकार
तुकाराम मुंढे ने अपने संदेश में कहा कि दीवाली खुशियों का त्योहार है और इन खुशियों की शुरुआत भरोसे से होती है। हर व्यक्ति को सुरक्षित, मानक के अनुरूप और अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन मिलना चाहिए।
सुरक्षित भोजन केवल त्योहारों तक सीमित नहीं होना चाहिए।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा हर नागरिक के लिए जरूरी है।
लोगों को खाने-पीने की चीजों पर भरोसा होना चाहिए।

Food Adulteration: कारोबारियों और नियामकों की जिम्मेदारी
खाद्य आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने के लिए कारोबारियों, नियामक संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी को जरूरी बताया।
खाद्य कारोबारियों को निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करना चाहिए।
नियामक संस्थाओं को खाद्य सुरक्षा के नियमों पर सख्ती से निगरानी रखनी चाहिए।
नागरिकों को भी जागरूक रहकर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए।

जनस्वास्थ्य पर कोई समझौता नहीं
तुकाराम मुंढे का संदेश साफ है कि त्योहार की खुशियां तभी पूरी हैं, जब लोगों को सुरक्षित भोजन मिले। खाद्य सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कारोबारियों, प्रशासन और नागरिकों की साझा जवाबदेही है।

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