Ghaziabad Viral Video: इंदिरापुरम में एक स्कूटी पर कई स्कूली छात्रों के सवार होने का वीडियो वायरल है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ी है। जहां कुछ लोग इसे मजाक बता रहे हैं, वहीं कई यूजर्स बच्चों की सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
सुबह का समय, स्कूल जाने की जल्दी और ट्रैफिक से भरी सड़क। इसी रोजमर्रा के दृश्य के बीच गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके से एक वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी है। वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म पहने कई छात्र एक ही स्कूटी पर सवार नजर आ रहे हैं। यह क्लिप पीछे चल रही एक कार से रिकॉर्ड की गई और देखते ही देखते वायरल हो गई। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन जिस तरह से यह साझा किया जा रहा है, उसने अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल फुटेज में एक स्कूटी पर दो से अधिक स्कूली छात्र बैठे दिखाई देते हैं। सभी ने स्कूल यूनिफॉर्म पहन रखी है। वाहन सामान्य ट्रैफिक के बीच चल रहा है। पीछे चल रही कार से किसी ने इस दृश्य को रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो की अवधि छोटी है, लेकिन दृश्य इतना पर्याप्त है कि लोगों का ध्यान खींच सके। कई यूजर्स इसे मजाकिया अंदाज में “स्कूटी पूल” कह रहे हैं, तो कुछ ने इसे अपने बचपन की यादों से जोड़ दिया।
यह भी पढ़ें: पत्नी ने डॉक्टर पति को गर्लफ्रेंड संग पकड़ा, बीच सड़क हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा-(WATCH)
सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रिया
इस वीडियो पर प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी हुई नजर आती हैं।
- एक वर्ग इसे हल्के-फुल्के अंदाज में ले रहा है और “कार पूल” की तर्ज पर “स्कूटी पूल” बताकर मजाक कर रहा है।
- वहीं दूसरा वर्ग इसे गंभीर सुरक्षा चूक मान रहा है।
कुछ यूजर्स ने लिखा कि इस तरह एक दोपहिया वाहन पर क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना न केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में बड़ा जोखिम भी बन सकता है।
कानून क्या कहता है?
मोटर व्हीकल नियमों के अनुसार, दोपहिया वाहन पर चालक सहित अधिकतम दो लोग ही सवार हो सकते हैं। इससे अधिक सवारी बैठाना नियमों के खिलाफ है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ओवरलोडिंग से संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर अचानक ब्रेक या मोड़ के समय। इसके अलावा, हेलमेट पहनना भी अनिवार्य है। बच्चों के मामले में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि गिरने या टक्कर की स्थिति में सिर की चोट सबसे गंभीर हो सकती है।
अभिभावकों और स्कूल की भूमिका
यह सवाल भी उठता है कि क्या स्कूल प्रशासन और अभिभावकों को इस तरह की व्यवस्था पर ध्यान नहीं देना चाहिए। अक्सर स्कूल जाने की जल्दी, ट्रैफिक या संसाधनों की कमी के कारण लोग जोखिम उठा लेते हैं। लेकिन सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है। ट्रैफिक विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर समझौता नहीं होना चाहिए। यदि स्कूल बस या वैकल्पिक सुरक्षित परिवहन उपलब्ध हो, तो उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इंदिरापुरम का यह वायरल वीडियो भले ही कुछ लोगों के लिए मनोरंजन का विषय बन गया हो, लेकिन यह सड़क सुरक्षा की गंभीर हकीकत को भी उजागर करता है। दोपहिया वाहन पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाना कानूनन गलत और व्यावहारिक रूप से खतरनाक है।
यह भी पढ़ें: पंजाब में अंग्रेजों का ई-रिक्शा गिर गया भाई! WATCH-देखें कैसे निकले...
