शेयर बाजार के कर्ज में डूबे सूरत के एक व्यक्ति ने अपने अपहरण का नाटक रचा। उसने परिवार से 50 लाख की फिरौती मांगी। पुलिस ने उसे गोधरा के एक होटल से गिरफ्तार कर साजिश का पर्दाफाश किया।
सूरत: शेयर बाजार की ट्रेडिंग में लाखों रुपये का कर्ज होने पर एक शख्स ने अपने ही अपहरण का ड्रामा रच डाला। मकसद था अपने ही परिवार से 50 लाख रुपये की फिरौती वसूलना। गुजरात के सूरत में रहने वाले 30 साल के जिग्नेश लालजीभाई तलाविया ने जब कर्ज चुकाने का कोई और रास्ता नहीं देखा, तो उसने यह फिल्मी साजिश रची। हालांकि, पुलिस ने उसकी चालाकी पकड़ ली और उसे एक होटल के कमरे से सही-सलामत गिरफ्तार कर लिया।

यह पूरा मामला 12 जून को शुरू हुआ। जिग्नेश 11 जून की रात को घर से निकला और वापस नहीं लौटा। इसके बाद उसकी पत्नी ने उत्राण पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद, जिग्नेश के ही फोन से परिवार वालों को धमकी भरे मैसेज आने लगे, जिससे सब डर गए। मैसेज में लिखा था कि अगर जिग्नेश को जिंदा देखना है तो 50 लाख रुपये देने होंगे, वरना उसे मार दिया जाएगा।
धमकी भरे मैसेज के बाद जब जिग्नेश का एक वीडियो आया, जिसमें वह बंधा हुआ दिख रहा था, तो परिवार और पुलिस की चिंता और बढ़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरत पुलिस ने फौरन स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें बनाईं। साइबर सेल और टेक्निकल एक्सपर्ट्स की मदद से डिजिटल सबूतों की जांच शुरू हुई। जांच में पता चला कि जिग्नेश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन मध्य प्रदेश के उज्जैन में थी।
इसके बाद जांच का दायरा मध्य प्रदेश तक बढ़ाया गया और वहां की पुलिस से मदद मांगी गई। लेकिन इसी बीच, जब पुलिस ने आरोपी के भेजे वीडियो और दूसरे डिजिटल सबूतों को बारीकी से देखा, तो उन्हें कुछ गड़बड़ियां नजर आईं। पुलिस को एक अहम सुराग मिला कि वीडियो उज्जैन में नहीं, बल्कि गुजरात के गोधरा में किसी खुफिया जगह पर बनाया गया है। इस नई जानकारी के आधार पर पुलिस टीमों ने गोधरा के होटलों और लॉज में ताबड़तोड़ तलाशी शुरू कर दी। आखिरकार, 15 जून को पुलिस ने जिग्नेश को गोधरा के एक होटल के कमरे से ढूंढ निकाला, जहां वह आराम से रह रहा था। इसी के साथ कई दिनों से चल रहे इस किडनैपिंग ड्रामे का पर्दाफाश हो गया।
पूछताछ में जिग्नेश ने कबूल किया कि यह सारा नाटक उसने कर्ज चुकाने के लिए खुद ही रचा था। वह 11 जून की रात घर से निकला, अपना स्कूटर सूरत में प्लेटिनम पॉइंट के पास छोड़ दिया, फिर रिक्शा लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा और उज्जैन की ट्रेन पकड़ ली। ट्रेन के सफर के दौरान वह बार-बार अपना फोन ऑन-ऑफ करके पुलिस को गुमराह करता रहा। इसी बीच उसने अपनी पत्नी को धमकी भरे मैसेज भेजे और बाद में गोधरा के एक होटल में जाकर छिप गया।
इस पूरी साजिश के पीछे की वजह ट्रेडिंग में हुआ भारी नुकसान था। जिग्नेश पहले भी शेयर बाजार में बड़ी रकम गंवा चुका था, तब उसके परिवार ने पैसे देकर उसकी मदद की थी। लेकिन उसने फिर से ज्यादा जोखिम वाले ऑप्शंस ट्रेडिंग में पैसा लगाया और इस बार उसे 50 से 60 लाख रुपये का घाटा हो गया। इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने अपने अपहरण की झूठी कहानी बनाई। पुलिस को गुमराह करने और धोखाधड़ी के आरोप में उत्राण पुलिस ने जिग्नेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 212, 217 और 233 के तहत मामला दर्ज किया है।
