नवसारी का वो खौफनाक राज, जहां रक्षक ही भक्षक बन गया। क्या कोई पिता ही बन सकता है कलयुगी भक्षक? पाप छुपाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार? मां की वो रूह कंपा देने वाली मांग क्या है? क्या कानून के शिकंजे से भाग पाएगा वो पापी? घटना के बाद भागते आरोपी को पुलिस ने दबोचा। क्या इस हैवान पिता को मिलेगी उसके पाप की सजा?
Gujarat Crime News: गुजरात के नवसारी ज़िले से एक ऐसा रूह कंपाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पवित्र रिश्तों को तार-तार कर दिया है। एक घर, जिसे सुरक्षा का सबसे बड़ा ढाल माना जाता है, वही एक 14 साल की मासूम बच्ची के लिए नर्क का दरवाज़ा बन गया। शुरुआती पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती हैं। घर के भीतर छिपे एक कलयुगी पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया। यह कोई एक बार की घटना नहीं थी, बल्कि बंद दरवाज़े के पीछे लगातार तीन दिनों-9, 10 और 11 मई-तक हैवानियत का यह खौफनाक खेल चलता रहा, जिससे मासूम का बचपन हमेशा के लिए सहम गया।

मौत की वो धमकी: जिसने 19 दिनों तक मासूम की ज़ुबान पर ताला लगा दिया
इस पूरे मामले में सस्पेंस और क्रूरता का सबसे वीभत्स मोड़ तब आया, जब आरोपी पिता ने अपनी करतूत को छुपाने के लिए एक शातिर अपराधी की तरह चाल चली। हर बार दरिंदगी करने के बाद, वह अपनी नाबालिग बेटी को जबरन गर्भनिरोधक गोलियां खिलाता था ताकि उसका पाप कभी बाहर न आ सके। इतना ही नहीं, उसने मासूम के गले पर मौत का खौफ बिठा दिया था। उसने धमकी दी थी कि अगर इस बात की भनक घर में या बाहर किसी को भी लगी, तो वह उसे जान से मार डालेगा। मौत के इस खौफ और गोलियों के साए में वह मासूम इतनी डर गई कि पूरे 19 दिनों तक घुट-घुट कर जीती रही और अपनी ही माँ से नज़रें चुराती रही।
30 मई की वो चीख: जब माँ के सामने खुला खौफनाक सच और कांप उठी ममता
दिन बीतते गए, लेकिन बच्ची के चेहरे का खौफ और उसकी बदलती मानसिक स्थिति माँ की नज़रों से छुप नहीं सकी। आखिरकार, 30 मई की उस काली शाम को मासूम का सब्र का बांध टूट गया। उसने रोते हुए अपनी माँ को अपनी आपबीती सुनाई। जब माँ ने सुना कि रक्षक ही भक्षक बन चुका था, तो पैरों तले ज़मीन खिसक गई। गुस्से और न्याय की आग में जलती माँ ने बिना एक पल गंवाए सीधे पुलिस स्टेशन का रुख किया। अपनी शिकायत में उस बेबस लेकिन हिम्मती माँ ने रोते हुए सिर्फ एक ही मांग की: "जिसने मेरी फूल जैसी बच्ची का जीवन बर्बाद किया, उस दरिंदे को सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा होनी चाहिए!"
पुलिस का चक्रव्यूह और आरोपी का भागने का वो नाकाम प्रयास
शिकायत मिलते ही नवसारी पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आरोपी के खिलाफ 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। इधर, पुलिस की भनक लगते ही आरोपी पिता शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। वह कानून के शिकंजे से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिससे मामला और सस्पेंसिव हो गया। लेकिन पुलिस ने चारों तरफ नाकेबंदी कर एक ऐसा चक्रव्यूह रचा कि महज़ कुछ ही घंटों के भीतर उसे दबोच लिया गया। सलाखों के पीछे पहुंचे इस कलयुगी पिता को कोर्ट ने जेल भेज दिया है, और अब पूरा इलाका इस हैवान को सख्त से सख्त सजा मिलने का इंतज़ार कर रहा है।


