Gurpatwant Singh Pannun: गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा के एडमोंटन में CJP के विरोध प्रदर्शनों को फंडिंग देने का दावा किया। जानिए भारत विरोधी बयान, खालिस्तान एजेंडे और पन्नू से जुड़ी अहम बातें।

कनाडा में खालिस्तान के नाम पर आयोजित एक कथित जनमत संग्रह के दौरान खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। पन्नू ने भारत में मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को समर्थन देने और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को फंडिंग करने की बात कही है। उसके इस बयान में भारत के खिलाफ कथित तौर पर आर्थिक नुकसान पहुंचाने और सिख युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग के लिए प्रेरित करने जैसी बातें भी शामिल हैं।

CJP के प्रदर्शनों को फंडिंग करने का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा के एडमोंटन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पन्नू ने कहा कि उसका संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) भारत में CJP के विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों को आर्थिक मदद देगा। उसने इसे भारत के खिलाफ कथित 'फिफ्थ-जनरेशन वारफेयर' यानी पांचवीं पीढ़ी के युद्ध की रणनीति से जोड़कर पेश किया।

पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी आपत्तिजनक नारेबाजी की। उसने कथित तौर पर सिख युवाओं को 'सिख होमलैंड सिक्योरिटी' फोर्स के तहत हथियारों की ट्रेनिंग लेने के लिए प्रेरित करने की बात कही। हालांकि, इन दावों और कथित योजनाओं की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अतिरिक्त साक्ष्य जरूरी हैं।

यह भी पढ़ें: ‘अखिलेश फिर कभी CM नहीं बनेंगे’! मंच से ये क्या बोल गए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य!

भारत के आर्थिक विनाश की बात, खालिस्तान का फिर उठाया मुद्दा

पन्नू ने भारत को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने की बात कही और पंजाब में नशीले पदार्थों के संकट का जिक्र करते हुए खालिस्तान को समाधान बताया। उसने पंजाब के युवाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों को भी अपने अलगाववादी एजेंडे से जोड़ने की कोशिश की।

उसके बयान में भारत की राष्ट्रीय पहचान और हिंदुत्व को निशाना बनाने वाले नारे भी शामिल थे। ऐसे बयानों के बीच यह सवाल अहम है कि कथित फंडिंग और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े दावों की पुष्टि करने वाले ठोस सबूत क्या हैं और संबंधित एजेंसियां इस पर क्या कार्रवाई करती हैं।

कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?

गुरपतवंत सिंह पन्नू भारतीय मूल का अमेरिकी-कनाडाई खालिस्तान समर्थक अलगाववादी है और सिख्स फॉर जस्टिस का प्रमुख चेहरा है। वह पंजाब के अमृतसर के पास खानकोट गांव से जुड़ा है। भारत सरकार ने उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया है।

भारत में उसके खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों और हिंसा भड़काने से जुड़े मामले दर्ज होने की बात कही जाती है। एडमोंटन में दिए गए ताजा बयान ने एक बार फिर भारत-विरोधी गतिविधियों और खालिस्तान समर्थक संगठनों की भूमिका को लेकर बहस तेज कर दी है।

यह भी पढ़ें: 16 साल के बच्चों ने खोल दिया मोर्चा! इटली में ऐसा क्यों भड़का युवाओं का गुस्सा?