गुरुग्राम में किराए के घरों पर एक रेडिट पोस्ट वायरल है, जिसमें 1BHK के ₹50-60 हजार किराए की आलोचना की गई है। पोस्ट में साधारण घरों को "अल्ट्रा-लग्ज़री" बताकर ज़्यादा किराया वसूलने पर सवाल उठाए गए हैं।

सोशल मीडिया पर गुरुग्राम के किराए के घरों की हकीकत बयां करती एक पोस्ट वायरल हो गई है। एक रेडिट यूज़र ने एक बेडरूम वाले फ्लैट की कीमत पर सवाल उठाया है, जो कुछ इलाकों में 50,000 से 60,000 रुपये तक पहुंच गई है। "गुरुग्राम का रेंटल मार्केट अब हद पार कर चुका है" (Gurgaon rentals have officially lost the plot) नाम की इस पोस्ट ने एक नई बहस छेड़ दी है कि कैसे साधारण घरों को "लग्ज़री" का टैग लगाकर पेश किया जा रहा है।

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यूज़र ने एक नई प्रॉपर्टी लिस्टिंग का ज़िक्र किया। उन्होंने लिखा, "अभी सेक्टर 43 में एक 1BHK को "अल्ट्रा-लग्ज़री" बताते हुए एक लिस्टिंग देखी।।। मुझे दोबारा चेक करना पड़ा कि कहीं मैंने गलती से कोई मज़ाक वाला पेज तो नहीं खोल लिया।" यूज़र ने इस ब्रांडिंग की आलोचना करते हुए कहा कि "लग्ज़री इंटीरियर" के नाम पर बस एक मामूली मॉड्यूलर किचन है। वहीं, "बड़ी बालकनी" भी वैसी ही है जैसी बिल्डर हर फ्लैट में देता है।

एयर कंडीशनिंग के बारे में लिखते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई फ़ीचर नहीं है, गुरुग्राम में ज़िंदा रहने के लिए यह एक ज़रूरी चीज़ है। और "पार्क फेसिंग" होना ठीक है, लेकिन इसकी वजह से किराए में 20,000 रुपये नहीं बढ़ने चाहिए।

देखिए वायरल पोस्ट

यूज़र ने आगे लिखा, "इस समय तो मकान मालिक बस अपने रेज़्यूमे की तरह विशेषण जोड़ते जा रहे हैं: अल्ट्रा, प्रीमियम, लग्ज़री, एक्सक्लूसिव, एलीट। जबकि हकीकत में, यह वही लेआउट, वही टाइल्स और वही सीलिंग लाइट्स हैं जो आपको शहर के आधे घरों में मिल जाएंगी।"

सोशल मीडिया ने कैसे रिएक्ट किया?

इस पोस्ट पर लोगों का खूब ध्यान गया और कई लोगों ने इससे सहमति जताई। एक यूज़र ने लिखा, "गुरुग्राम के रेंटल मार्केट में पहले से ही एक बुलबुले (bubble) के संकेत दिख रहे हैं। इस तरह की प्रॉपर्टी के लिए इतना ज़्यादा किराया मांगना अवास्तविक है।"

एक दूसरे यूज़र ने पूछा, "मैं विले पार्ले (VILE PARLE) में एक अच्छे एक बेडरूम वाले फ्लैट के लिए भी इतना किराया नहीं दे रहा था। ब्रोकर असल में बस ऊंची कीमत बताकर मोलभाव की उम्मीद कर रहा है, क्योंकि कोई भी सच में इसके लिए पैसे नहीं देगा। है न?"

एक तीसरे यूज़र ने कहा, “ब्रोकर/लैंड माफिया प्रॉपर्टी मार्केट की कीमतों को बनावटी तरीके से बढ़ाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”