Gwadar FWO Camp Attack: ग्वादर FWO कैंप पर हमले को BLA ने ऑपरेशन अलमास बताया है। BLF ने कैंप पर कब्जे का दावा किया, जबकि पाकिस्तानी सेना के सूत्रों ने इसे खारिज करते हुए सात चरमपंथियों के मारे जाने की बात कही। जानें पूरे मामले के दावे और विरोधाभास।
Gwadar FWO Camp Attack: बलूचिस्तान के ग्वादर में पाकिस्तानी सेना से जुड़े फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) कैंप पर हमले को लेकर तनाव बढ़ गया है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इसे अपने कथित ‘ऑपरेशन अलमास’ की शुरुआत बताया है। वहीं, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने भी हमले में शामिल होने और कैंप पर कब्जा करने का दावा किया है। दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना के सूत्रों ने किसी सैन्य ठिकाने पर कब्जे की बात खारिज की है। दोनों पक्षों के दावों के बीच घटनास्थल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
Gwadar FWO Camp Attack: BLA ने क्या दावा किया?
- BLA के मुताबिक, ग्वादर के जीरो पॉइंट इलाके में स्थित FWO कैंप को निशाना बनाकर सुनियोजित हमला किया गया। संगठन ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन अलमास’ की औपचारिक शुरुआत बताया है।
- BLA का कहना है कि हमले में उसके लड़ाकों के अलावा बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (BSO) और अन्य इकाइयों के सदस्य भी शामिल थे।
- संगठन ने इसे पाकिस्तानी सेना से जुड़े बुनियादी ढांचे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है।
- हालांकि, हमले के नतीजों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
BLF का दावा- FWO कैंप पर किया कब्जा
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने भी इस कार्रवाई में अपनी भागीदारी का दावा किया है। संगठन के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने FWO कैंप पर हमला कर परिसर पर कब्जा कर लिया और वहां लड़ाई जारी रही।
- BLF ने अपने दावों के समर्थन में दो वीडियो जारी किए हैं। उसका कहना है कि ये फुटेज सैन्य कैंप के अंदर रिकॉर्ड किए गए थे।
- संगठन ने दावा किया कि ऑपरेशन में पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के जवान मारे गए।
- हालांकि, एशियानेट न्यूज नेटवर्क स्वतंत्र रूप से इन वीडियो के रिकॉर्ड होने की जगह, समय या उनमें दिखाई गई घटनाओं की पुष्टि नहीं कर सका।
Pakistan Army का दावा- सात चरमपंथी मारे गए
- दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना के सूत्रों ने हमले को नाकाम करने का दावा किया है। उनके मुताबिक, एक खाली निर्माण शिविर और पास के होटल के आसपास हुई कार्रवाई में सात चरमपंथी मारे गए, जबकि सात अन्य को घेर लिया गया।
- पाकिस्तानी पक्ष ने इस दावे को खारिज किया है कि हमलावर किसी सैन्य ठिकाने पर कब्जा करने में सफल रहे। इस तरह, हमले के परिणाम और नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं।
Gwadar IED Attack: काफिले पर हमले को लेकर भी विरोधाभास
- ग्वादर में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) हमले को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
- BLA ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि इसमें मेजर रैंक के एक अधिकारी की मौत हुई। वहीं, पाकिस्तानी सेना के सूत्रों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हमले को नाकाम करने की बात कही है।
- फिलहाल, कैंप पर कब्जे, हताहतों की संख्या और सैन्य नुकसान को लेकर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों को अंतिम निष्कर्ष के बजाय संबंधित पक्षों के बयानों के रूप में देखना जरूरी है।









