हरियाणा के रेवाड़ी में एक पति ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में उसकी पत्नी ने 25 रिश्तेदारों से उसे और परिवार को पिटवाया। वे घर में तोड़फोड़ कर सोना लूटकर फरार हो गए। वीडियो वायरल होने पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
हरियाना से सामने आई एक पति की शिकायत, भारत में पारिवारिक रिश्तों के एक बड़े सामाजिक मुद्दे की ओर इशारा कर रही है। हरियाणा के रेवाड़ी के एक युवक ने आरोप लगाया है कि जब पुलिस घर पर थी, तब उसकी पत्नी ने करीब 25 रिश्तेदारों को बुलाकर उसे और उसके परिवार को पिटवाया। पुलिस देखती रही और वे लोग मारपीट के बाद घर से सोना लेकर फरार हो गए। युवक ने जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, तो पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे। मारपीट के दौरान पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कोई कार्रवाई न करने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी आलोचना की है।
पुलिस की मौजूदगी में मारपीट, लूटपाट
वीडियो की शुरुआत एक पुलिसकर्मी से होती है जो हाथ में लाठी लिए खड़ा है। यह वीडियो पत्नी और उसके रिश्तेदारों के जाने के बाद का है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि घर में पूरी तरह से तोड़फोड़ की गई है। अलमारी से कपड़े बाहर खींचे हुए हैं। कमरे में बर्तन और टूटी बोतलें बिखरी पड़ी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पत्नी के रिश्तेदारों को घर बुलाने के बाद ही झगड़ा शुरू हुआ था। बहस जल्द ही मारपीट में बदल गई। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद, पत्नी के घरवाले बिना इजाजत घर में घुसे, पति के माता-पिता को पीटा और घर का सामान तोड़ दिया। पति की शिकायत के मुताबिक, वे आखिर में सोना लेकर चले गए। यह वीडियो 'एकम न्याय फाउंडेशन' के एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया गया है, जो लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है और पुरुषों के सामने आने वाली समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाता है।
'पुरुषों को शादी से बचना चाहिए'
यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने मांग की कि अगर गहने पत्नी के नहीं थे, तो चोरी का मामला भी दर्ज किया जाना चाहिए। वहीं, कुछ अन्य ने बताया कि अगर यह दहेज में मिला था, तो मामला पति के खिलाफ हो सकता है। एक यूजर ने लिखा कि इस जमाने में पुरुषों के लिए शादी न करना ही बेहतर है। एक अन्य यूजर ने लिखा, "अगर आप पुरुष हैं, तो शादी न करें। शादी की दरें काफी कम होने दें। जब ऐसा होगा, तभी सरकार ध्यान देगी। इसके अलावा, अविवाहित रहकर पुरुष एक सरल जीवन जी सकते हैं।" कुछ लोगों ने इसे 'पुलिस की निगरानी में डकैती' बताया। वहीं, कुछ अन्य लोगों ने लिखा कि तलाक के मामलों में पुरुषों द्वारा दिए जाने वाले गुजारा-भत्ते पर फिर से विचार करने की जरूरत है।
