Hydrogen Train Uttar Pradesh: जींद-सोनीपत के बाद यूपी में हाइड्रोजन ट्रेन कब आएगी? अगर ट्रेन यहां चलाई जाती है, तो कौन-सा रूट सबसे पहले कवर किया जाएगा? जानिए डिटेल्स...

Hydrogen Train Possible Route in UP: हरियाणा के जींद-सोनीपत में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पटरियों पर दौड़ने के बाद यूपी में रहने वालों के बीच एक चर्चा शुरू हो गई है कि 'ये ट्रेन हमारे यहां कब आएगी?' लोग पूछ रहे हैं कि इतनी सस्ती सफर वाली ट्रेन अगर यूपी में आती है, तो कब और कहां सबसे पहले चल सकती है। अगर आप भी इस सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो चलिए जानते हैं रेलवे का प्लान क्या है और उत्तर प्रदेश में ये ट्रेन आएगी या नहीं? अगर आएगी तो किस रूट पर चल सकती है...

क्या यूपी में चलेगी हाइड्रोजन ट्रेन?

रेलवे ने अभी तक उत्तर प्रदेश के किसी शहर के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। जो पहली हाइड्रोजन ट्रेन आज चली है, वो सिर्फ हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर है। यूपी को लेकर अब तक रेलवे का कोई प्लान सामने नहीं आया है। हालांकि, अगर यहां भविष्य में हाइड्रोजन ट्रेन आती है, तो एक रूट सबसे ज्यादा नजर में रह सकता है।

रेलवे का प्लान क्या है?

रेलवे हाइड्रोजन ट्रेन को सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रखना चाहता है। भारतीय रेलवे का इरादा है कि आने वाले सालों में देश के 35 ऐसे रूट्स पर हाइड्रोजन ट्रेन उतारी जाए, जहां अभी तक बिजली की तार नहीं पहुंची है, यानी जो अब भी डीजल इंजन के भरोसे चलते हैं।

यूपी में ऐसा कोई रूट है क्या, जहां हाइड्रोजन ट्रेन चल सकती है?

यूपी का एक रूट ऐसा है, जो इस लिस्ट के लिए बिल्कुल फिट बैठ सकता है। इस रूट का नाम मैलानी-नानपारा रेल ट्रैक है, जो लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक 170 किलोमीटर लंबा मीटर-गेज यानी छोटी लाइन रूट है। यह दुधवा नेशनल पार्क के बेहद करीब से गुजरता है। खास बात ये है कि पूर्वोत्तर रेलवे की इस लाइन को भारतीय रेलवे ने 'हेरिटेज' (विरासत) का दर्जा दिया है।

मैलानी-नानपारा रूट क्यों हाइड्रोजन ट्रेन के लिए बेस्ट?

इस रूट को ब्रॉड गेज में नहीं बदला गया है, यानी ये आज भी अपने पुराने रूप में, बिना इलेक्ट्रिफिकेशन के चल रहा है। मतलब डीजल पर चलना, बिजली की तार न होना और हेरिटेज टैग होना ये तीनों वही शर्तें हैं जो रेलवे हाइड्रोजन ट्रेन के लिए तलाश रहा है, इसलिए ये रूट यूपी के लिए एक मजबूत दावेदार माना जा सकता है। 2025 में गोरखपुर जंक्शन के 140 साल पूरे होने पर मैलानी से दुधवा के बीच एक स्पेशल हेरिटेज टूरिस्ट ट्रेन भी चलाई जा चुकी है, यानी इस रूट पर रेलवे का फोकस पहले से बना हुआ है। हालांकि, अभी इसका कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।

फिर यूपी को इंतजार क्यों करना पड़ेगा?

हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का रेलवे का तरीका स्टेप-बाय-स्टेप है। पहले जींद-सोनीपत रूट से डेटा और अनुभव लिया जाएगा। ट्रेन कैसी परफॉर्म कर रही है, रिफ्यूलिंग में कितना खर्च आ रहा है, मेंटेनेंस कैसी है। इन सब बातों के आधार पर अगले रूट्स तय होंगे। यानी अभी टाइमलाइन बताना जल्दबाजी होगी, लेकिन हेरिटेज और गैर-बिजली वाले रूट्स की लिस्ट में यूपी भी आ सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में यूपी के जिस रूट का जिक्र किया गया है, वो एक संभावना के आधार पर बताया गया विश्लेषण है, न कि रेलवे की आधिकारिक घोषणा। यूपी के लिए कोई भी पक्का रूट या तारीख अभी तय नहीं हुई है। पुष्टि के लिए भारतीय रेलवे के आधिकारिक बयान का इंतजार करें।