दुबई के शोरूम में अचानक उठा धुआं और पलक झपकते ही जोरदार धमाका! पत्नी को दुबई बुलाने के सुनहरे सपने के बीच ऐसा क्या हुआ जिसने सब कुछ तबाह कर दिया? जानिए खाड़ी में भारतीय मजदूरों पर मंडराते खौफ का कड़वा सच!

Dubai Gas Cylinder Blast: दुबई के शेख ज़ायेद रोड स्थित एक कार शोरूम में हुए अचानक गैस सिलेंडर विस्फोट में 27 वर्षीय भारतीय युवक शिज़िन पॉल की असमय मृत्यु हो गई। मूल रूप से केरल के कोल्लम ज़िले (कोट्टाराक्कारा) के रहने वाले शिज़िन पॉल मल्टीमीडिया मार्केटिंग स्पेशलिस्ट थे और सोशल मीडिया व वीडियोग्राफी का काम संभालते थे। इस भयानक हादसे में पाँच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

आग की लपटें और अचानक हुआ खौफनाक विस्फोट

घटना के वक्त मौजूद सहकर्मी और प्रत्यक्षदर्शी आबिद के अनुसार, शोरूम के पास स्थित एक ऑटो सर्विस कंपनी के कोने में अचानक आग लग गई। आग देखकर पास की दुकानों के कई लोग इकट्ठा हो गए और अग्निशामक यंत्रों (fire extinguishers) की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे। इसी बीच एक जोरदार सिलेंडर धमाका हुआ और मौके पर भगदड़ मच गई। धुएं और अफरा-तफरी के बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि शिज़िन धमाके की सीधी चपेट में आ चुके हैं।

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अस्पताल में टूटी सांसें, अधूरा रह गया वादा

नवंबर में ही कंपनी से जुड़े शिज़िन पॉल अपनी पहली छुट्टी पर केरल जाने वाले थे। उनके पूर्व रूममेट नासिर ने बताया कि छुट्टियों से लौटने के बाद शिज़िन अपनी पत्नी और बच्चे को दुबई लाकर साथ रखने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने मौत की पुष्टि की है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर शव को वापस भारत (केरल) भेजने की कानूनी प्रक्रिया में जुटा हुआ है।

खाड़ी देशों में भारतीय कामगारों की सुरक्षा पर गहराते सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर गल्फ देशों में काम कर रहे लाखों भारतीय मजदूरों और पेशेवरों की कार्यस्थल सुरक्षा (workplace safety) को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

  • 800 से अधिक मौतें: वर्ष 2023 से 2025 के बीच विदेशों में काम के दौरान दुर्घटनाओं में 800 से अधिक भारतीयों की जानें गईं।
  • खाड़ी का भयावह आंकड़ा: कुल मौतों में से लगभग 55 प्रतिशत मौतें अकेले खाड़ी देशों में दर्ज की गईं।
  • हर हफ्ते तीन मौतें: आंकड़ों के मुताबिक, इन वर्षों में खाड़ी देशों में हादसों के कारण हर हफ्ते औसतन 3 भारतीय कामगारों ने अपनी जान गंवाई।
  • शीर्ष देश: इन तीन वर्षों में सबसे ज्यादा 182 मौतें सऊदी अरब में हुईं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 128 मौतें दर्ज की गईं।

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