INDIA ब्लॉक ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग करते हुए कई बड़े आरोप लगाए हैं। इनमें 13.2 करोड़ वोटर्स के नाम काटना और चुनाव में धांधली जैसे आरोप शामिल है।

INDIA Bloc vs CEC Gyanesh Kumar: विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुए 'पब्लिक इम्पीचमेंट' कार्यक्रम में विपक्षी दलों ने CEC पर महाभियोग (Impeachment) चलाने की मांग करते हुए उनके खिलाफ 6 बड़े आरोप लगाए हैं। INDIA ब्लॉक का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने संवैधानिक पद की जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष ने इसे देशद्रोह और जनता के साथ धोखा बताया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आइए जानते हैं कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने कौन-कौन से गंभीर आरोप लगाए हैं...

आरोप 1: चुनाव में धांधली की साजिश

विपक्ष का पहला आरोप है कि CEC ने BJP के साथ मिलकर राष्ट्रीय और राज्य स्तर के चुनावों में धांधली करने की साजिश रची। उन पर आरोप है कि उन्होंने नियम तोड़कर सत्ता पक्ष को वोटर लिस्ट तक पहुंच दी, जिससे वे अपनी मर्जी से वोटर्स के नाम जोड़ और काट सकें। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला और देशद्रोह बताया है।

आरोप 2: 13.2 करोड़ वोटर्स के नाम काटना

दूसरा सबसे बड़ा आरोप वोटर लिस्ट में हेरफेर का है। INDIA ब्लॉक का दावा है कि ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर वोटर लिस्ट का गलत तरीके से रिवीजन किया गया, जिसके तहत जानबूझकर करीब 13.2 करोड़ वोटर्स के नाम काट दिए गए। विपक्ष के मुताबिक, यह लोगों से उनका वोट देने का संवैधानिक हक छीनने की साजिश थी।

आरोप 3: संसद को बताए बिना नियमों में बदलाव

विपक्ष ने आरोप लगाया है कि CEC ने संसद की मंजूरी या जानकारी के बिना 'रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के फॉर्म-6 में गैरकानूनी तरीके से बदलाव कर दिए। विपक्ष का दावा है कि यह बदलाव पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को वोटर लिस्ट में जुड़ने से रोकने के लिए किया गया।

आरोप 4: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का गलत इस्तेमाल

चौथा आरोप यह है कि ज्ञानेश कुमार ने ERONET/ECINET सॉफ्टवेयर का गलत इस्तेमाल करते हुए वोटर लिस्ट का पूरा कंट्रोल चुनाव आयोग (ECI) में सेंट्रलाइज (केंद्रीकृत) कर लिया। विपक्ष का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि स्थानीय स्तर के अधिकारियों (ERO) को सही वोटर्स के नाम जोड़ने से रोका जा सके और लिस्ट से नाम काटे जा सकें।

आरोप 5: साथी चुनाव आयुक्तों को दरकिनार करना

विपक्ष का पांचवां आरोप है कि CEC ने फैसले लेते समय अपने दो अन्य साथी चुनाव आयुक्तों को जानबूझकर प्रक्रिया से बाहर रखा और कानून का उल्लंघन किया। रिज़ॉल्यूशन के मुताबिक, इसी वजह से बाकी दो आयुक्तों ने रिकॉर्ड पर कम से कम 14 बार अपनी आपत्तियां (Objections) दर्ज कराई थीं।

आरोप 6: विपक्ष को निशाना बनाना और परिवार को फायदा पहुंचाना

छठे और आखिरी आरोप में विपक्ष ने दावा किया है कि CEC ने अपनी स्वतंत्र भूमिका निभाने के बजाय विपक्ष पर हमले किए और उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि जब विपक्षी नेताओं को गैरकानूनी तरीके से अयोग्य ठहराया जा रहा था, तब चुनाव आयोग मूकदर्शक बना रहा। विपक्ष ने यह भी दावा किया है कि BJP का साथ देने के बदले में CEC के परिवार वालों को बड़े पदों (Plum Postings) और फायदों से नवाजा गया।

विपक्ष की मांग क्या है?

INDIA ब्लॉक ने इन सभी आरोपों को भारत की जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संविधान के कानूनी ढांचे के तहत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें संविधान के तहत कोर्ट में जवाब देना चाहिए।

Scroll to load tweet…