पाकिस्तान द्वारा एयरस्पेस बंद करने से भारत चीन और भूटान के जरिए नए हवाई रास्ते खोज रहा है। इसके लिए कूटनीतिक बातचीत जारी है। इसी बीच, चाइना सदर्न एयरलाइंस 6 साल बाद ग्वांगझू-दिल्ली फ्लाइट फिर शुरू कर रही है।
केंद्र सरकार इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए नए रास्तों की तलाश कर रही है क्योंकि पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। भारत ने चीन के शिनजियांग प्रांत के ऊपर से उड़ान भरने की इजाजत के लिए चीन के साथ बातचीत शुरू कर दी है। इसके अलावा, भारत भूटान के ऊपर से भी हवाई रास्ता इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) चीनी अधिकारियों के साथ इस मामले में कूटनीतिक बातचीत को लीड कर रहा है।
नए हवाई रास्ते की जरूरत क्यों पड़ी?
पाकिस्तान ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद हुई सैन्य झड़पों के कारण भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। पाकिस्तान ने दो हफ्ते पहले ही इस बैन को एक महीने के लिए और बढ़ा दिया है। एयरस्पेस बंद होने की वजह से उड़ानों के समय और खर्च दोनों पर भारी असर पड़ रहा है, इसलिए भारत नए रास्तों की तलाश कर रहा है।
भारत-चीन के बीच फ्लाइट्स फिर से शुरू
चाइना सदर्न एयरलाइंस ने ऐलान किया है कि वह 6 साल से बंद पड़ी ग्वांगझू-नई दिल्ली डायरेक्ट फ्लाइट सर्विस को फिर से शुरू करेगी। कंपनी ने यह बड़ा ऐलान दिल्ली में हुए ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पहुंचने से ठीक पहले किया। दोनों देशों के बीच कोविड महामारी और सीमा विवाद के कारण हवाई संपर्क टूट गया था, जिसे अब फिर से बहाल किया जा रहा है।
चाइना सदर्न एयरलाइंस का लक्ष्य दक्षिण एशियाई क्षेत्र में 8 राउंड-ट्रिप रूट पर हफ्ते में 100 से ज्यादा उड़ानें संचालित करना है। कई अन्य एयरलाइंस ने भी इस साल भारत और चीन के बीच अपनी सेवाएं फिर से शुरू की हैं। भारत और चीन के बीच सुधरते रिश्तों और कूटनीतिक बातचीत के कारण एविएशन सेक्टर में भी ये बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
