India नेपाल में कितने नए स्कूल बनाने जा रहा है और इसके लिए कितनी मदद दी जाएगी? 2015 के भूकंप के बाद Nepal के पुनर्निर्माण में भारत की क्या भूमिका रही है? नए स्कूलों को भूकंप-रोधी तकनीक से बनाने का फैसला क्यों लिया गया?किन-किन नेपाली जिलों में भारत की मदद से नए स्कूल बनाए जाएंगे?

काठमांडू: भारत ने नेपाल के उन आठ ज़िलों में 14 नए स्कूल बनाने का ऐलान किया है, जो भूकंप में बुरी तरह तबाह हो गए थे। इसके लिए आर्थिक मदद की भी घोषणा की गई है। काठमांडू में भारतीय दूतावास और नेपाल के शिक्षा मंत्रालय के बीच इस समझौते पर दस्तख़त हुए हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए भारत 56.02 करोड़ रुपये की ग्रांट (अनुदान) देगा। ये नए स्कूल गोरखा, नुवाकोट, धाडिंग, दोलाखा, काठमांडू, काभ्रेपलांचोक, रामेछाप और सिंधुपालचोक ज़िलों में बनाए जाएंगे। आपको बता दें कि 2015 में आए ज़बरदस्त भूकंप में नेपाल में लगभग 9,000 लोगों की जान चली गई थी और भारी तबाही मची थी।

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जानकारी के मुताबिक, इन स्कूलों को भूकंप-रोधी तकनीक से बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में क्लासरूम, फ़र्नीचर और लड़के-लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट की सुविधा भी शामिल है। यह भारत के 'पोस्ट-अर्थक्वेक रीकंस्ट्रक्शन' प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इससे पहले भी भारत इसी प्रोजेक्ट के तहत 70 स्कूल और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी बनवा चुका है। इस पहल का मक़सद पड़ोसी देश होने के नाते नेपाल के सामाजिक-आर्थिक विकास और आपदा प्रबंधन में भारत की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उस भूकंप के बाद से ही भारत नेपाल के पुनर्निर्माण कार्यों में सबसे आगे रहा है।