PM मोदी की UAE यात्रा के दौरान F-16 एस्कॉर्ट और अचानक हुए LPG सप्लाई समझौते ने वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा समीकरण बदल दिए। ईरानी हमलों की निंदा के बीच भारत-UAE रणनीतिक रक्षा, पेट्रोलियम भंडार और ऊर्जा साझेदारी का नया अध्याय खुला-पश्चिम एशिया में बड़ा कूटनीतिक मोड़, रहस्यमयी संकेतों के साथ।
India UAE Energy Deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अबू धाबी पहुंचे, जहां उनका औपचारिक स्वागत ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ किया गया। यात्रा की शुरुआत ही उच्च-स्तरीय कूटनीतिक संकेतों के साथ हुई, जब UAE के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही भारतीय प्रधानमंत्री के विमान को UAE वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया। यह दृश्य केवल औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक विश्वास और साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है। यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक अनिश्चितता बढ़ रही है।

ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस: LPG सप्लाई और पेट्रोलियम भंडार पर बड़ी डील
प्रधानमंत्री मोदी और UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई उच्च-स्तरीय बातचीत में ऊर्जा सहयोग सबसे प्रमुख मुद्दा रहा। दोनों देशों ने तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) सप्लाई, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर और दीर्घकालिक बनाना है। विशेष रूप से LPG सप्लाई समझौता ग्रामीण और घरेलू ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
रक्षा और निवेश में नई मजबूती: रणनीतिक साझेदारी का विस्तार
ऊर्जा के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों ने अपने सहयोग को नया आयाम दिया। रणनीतिक रक्षा साझेदारी के ढांचे पर सहमति बनी, जिससे भविष्य में संयुक्त अभ्यास, तकनीकी सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में लगभग 5 अरब डॉलर के निवेश ने आर्थिक सहयोग को नई गति दी है। यह कदम दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच वित्तीय विश्वास को और मजबूत करता है।
ईरानी हमलों की निंदा: भारत का कड़ा कूटनीतिक संदेश
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने UAE पर हालिया हमलों की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी देश को इस प्रकार निशाना बनाना अस्वीकार्य है। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में UAE नेतृत्व की भूमिका की सराहना भी की। मोदी ने विशेष रूप से उस कठिन समय में UAE द्वारा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और देखभाल के लिए आभार व्यक्त किया, जो दोनों देशों के बीच मानवीय और सामाजिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच रणनीतिक ऊर्जा रेखा तैयार
विशेषज्ञों के अनुसार यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा राजनीति में भारत की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति पर खतरे के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को विविध स्रोतों से मजबूत करना चाहता है।
भारत-UAE संबंधों में नया अध्याय
LPG सप्लाई समझौता, रक्षा सहयोग और निवेश पैकेज ने भारत और UAE के संबंधों को एक नए रणनीतिक स्तर पर पहुंचा दिया है। यह साझेदारी आने वाले वर्षों में न केवल ऊर्जा सुरक्षा, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति में भी भारत की भूमिका को और मजबूत कर सकती है।


