UAE एयरस्पेस में PM मोदी के विमान के साथ अचानक F16 फाइटर जेट्स की एस्कॉर्टिंग ने रहस्य और कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी। क्या यह सिर्फ सम्मान था या पश्चिम एशिया तनाव, भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी और सुरक्षा संदेश का संकेत? इस हाई-प्रोफाइल यात्रा पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
PM Modi UAE Visit: शुक्रवार को एक बेहद असाधारण दृश्य देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एयरस्पेस में प्रवेश कर रहा था। इसी दौरान UAE की वायुसेना के F-16 फाइटर जेट्स ने भारतीय प्रधानमंत्री के विमान को औपचारिक एस्कॉर्ट प्रदान किया। यह कदम न केवल सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा माना जा रहा है, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों की मजबूती का भी प्रतीक माना जा रहा है। BJP की ओर से प्राप्त वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि जैसे ही PM मोदी का विमान UAE एयरस्पेस में दाखिल हुआ, फाइटर जेट्स ने उसके साथ समांतर उड़ान भरनी शुरू कर दी। यह दृश्य कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गया।

अबू धाबी में भव्य स्वागत: राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने किया अभिनंदन
प्रधानमंत्री मोदी के विमान के लैंड होते ही अबू धाबी के प्रेसिडेंशियल एयरपोर्ट पर UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने स्वयं पहुंचकर उनका औपचारिक स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जो दोनों देशों के बीच उच्च स्तर के राजनयिक संबंधों को दर्शाता है। सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा भी शामिल रही।
युद्ध के बीच कूटनीति: पश्चिम एशिया संकट पर भारत का कड़ा संदेश
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और हाल ही में ईरान से जुड़े हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी देश को इस तरह निशाना बनाना “अस्वीकार्य” है और भारत हमेशा शांति और स्थिरता के पक्ष में खड़ा रहेगा। उन्होंने यह भी सराहा कि संघर्ष के कठिन समय में UAE प्रशासन ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता को प्राथमिकता दी।
पांच देशों की यात्रा: रणनीतिक संतुलन का बड़ा कूटनीतिक कदम
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय मुलाकातों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। UAE के बाद प्रधानमंत्री नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे में भारत का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
एक संदेश जो उड़ानों से आगे जाता है?
UAE के F-16 जेट्स द्वारा PM मोदी के विमान को दिया गया एस्कॉर्ट केवल एक सुरक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहराते भरोसे और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है। यह घटना आने वाले समय में भारत-UAE संबंधों के नए अध्याय की ओर संकेत करती है।


