भारतीय वायु सेना के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने VAYU रणनीति पेश की है। जानिए स्क्वाड्रन की संख्या, तेजस मार्क 1A और 2, AMCA, AI तकनीक और आत्मनिर्भरता को लेकर उनका पूरा प्लान।

Indian Air Force: भारतीय वायु सेना की कमान संभालते ही नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भविष्य की चुनौतियों को लेकर अपना विजन सामने रख दिया है। उन्होंने साफ किया कि बदलते युद्ध के दौर में सिर्फ आधुनिक लड़ाकू विमान होना काफी नहीं, बल्कि हर स्तर पर तैयारी, स्वदेशी तकनीक और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल भी जरूरी है। इसके लिए उन्होंने ‘VAYU’ रणनीति पेश की है। इसमें वायु सेना की युद्धक क्षमता बढ़ाने से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आत्मनिर्भरता तक पर जोर दिया गया है।

VAYU Strategy: चार अक्षरों में वायु सेना का नया रोडमैप

नए वायु सेना प्रमुख ने सेना को भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करने के वास्ते 'VAYU' शब्द के हर अक्षर का बहुत ही शानदार मतलब समझाया है:

  • V-सतर्कता और विजय (Vigilance & Victory): इसका मतलब है कि हर स्क्वाड्रन और एयर डिफेंस यूनिट को हर वक्त एक्शन के लिए तैयार रहना होगा। वायु सेना की युद्धक क्षमता को उसके तय मानकों पर वापस लाना उनकी पहली प्राथमिकता है।
  • A-आत्मनिर्भरता (Aatmanirbharta): स्वदेशी उपकरणों पर पूरा जोर रहेगा। तेजस मार्क 1A, तेजस मार्क 2, आने वाले AMCA फाइटर जेट्स और देश में बने सेंसर व हथियार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
  • Y-युक्ति और नवाचार (Yukti & Innovation): युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए AI-बेस्ड कमांड सिस्टम और नई सोच के साथ तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।
  • U-एकजुटता (Unity of Effort): थल सेना, नौसेना और अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एक मजबूत टीम के रूप में काम करना।
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IAF Squadron Strength: लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या बढ़ाने पर जोर

वायु सेना प्रमुख ने कहा कि उनकी शुरुआती प्राथमिकताओं में वायु सेना की युद्धक क्षमता को अधिकृत स्तर तक पहुंचाना शामिल है। इसके लिए पर्याप्त विमान और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता जरूरी होगी। उनका जोर ऐसी तैयारी पर है, जो संभावित संघर्ष को रोकने के साथ जरूरत पड़ने पर निर्णायक जवाब देने में सक्षम हो।

Tejas और AMCA: स्वदेशी विमानों पर भरोसा

आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के तहत तेजस मार्क 1A, तेजस मार्क 2 और भविष्य के AMCA लड़ाकू विमान प्राथमिकता में रहेंगे। स्वदेशी सेंसर और हथियारों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि लंबे सैन्य अभियानों के दौरान भारत अपनी जरूरतें घरेलू संसाधनों से पूरी कर सके।

AI और तीनों सेनाओं के तालमेल पर भी नजर

ड्रोन, साइबर हमलों, अंतरिक्ष क्षमताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बदलते युद्ध के स्वरूप को देखते हुए वायु सेना नई तकनीकों को अपनाएगी। दीक्षित ने वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रशिक्षण, सुरक्षा और कल्याण पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।