संसदीय समिति ने RAC टिकट पर पूरा किराया वसूलने को अनुचित बताया है। समिति ने सुझाव दिया है कि पूरी बर्थ न मिलने पर यात्रियों को आंशिक किराया वापस करने की व्यवस्था बनाई जाए। इससे लाखों यात्रियों को राहत मिल सकती है।

नई दिल्ली: ट्रेन में RAC टिकट पर यात्रा करने वालों से पूरा किराया वसूलना ठीक नहीं है, ऐसा संसदीय लोक लेखा समिति (PAC) ने कहा है। समिति ने सुझाव दिया है कि जिन यात्रियों को बर्थ की सुविधा नहीं मिलती, उनके लिए रेल मंत्रालय को टिकट का कुछ हिस्सा वापस करने का सिस्टम बनाना चाहिए।

पब्लिक अकाउंट्स कमेटी के मुख्य सुझाव

समिति ने 4 फरवरी को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में रेलवे के कामकाज और ट्रेनों के समय को लेकर कुछ सिफारिशें की हैं। चार्ट बनने के बाद भी जो यात्री RAC कैटेगरी में रह जाते हैं, उन्हें पूरी बर्थ नहीं मिलती। लेकिन उन्हें स्लीपर/एसी क्लास का पूरा किराया देना पड़ता है। समिति के मुताबिक, यह सही नहीं है। समिति ने मांग की है कि रेलवे को एक सीट पर दो लोगों के यात्रा करने की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को आंशिक रिफंड देने के लिए एक खास सिस्टम बनाना चाहिए।

अभी IRCTC के नियमों के मुताबिक, अगर ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक टिकट कैंसिल नहीं किया जाता या TDR फाइल नहीं किया जाता, तो RAC टिकटों पर कोई रिफंड नहीं मिलता। अगर ग्रुप टिकट में कुछ लोगों का टिकट कन्फर्म हो जाता है और कुछ RAC में रहते हैं, तो रिफंड तभी मिलेगा जब सभी का टिकट तय समय के अंदर कैंसिल किया जाए। अगर रेल मंत्रालय इस सिफारिश को मान लेता है, तो लाखों आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।