InsideFPV ने भारतीय सेना को ₹10 करोड़ के स्वदेशी कामिकाज़ी ड्रोन डिलीवर किए। यह सप्लाई रिकॉर्ड 2 महीने में पूरी हुई। ये ड्रोन -35°C से 50°C तक के तापमान और बिना GPS के भी काम कर सकते हैं।

नई दिल्ली: ड्रोन टेक्नोलॉजी बनाने वाली कंपनी InsideFPV ने एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने बताया कि उसने भारतीय सेना को 10 करोड़ रुपये के स्वदेशी कामिकाज़ी ड्रोन की डिलीवरी कर दी है। ये ड्रोन इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट रूट (EPR) के तहत खरीदे गए हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि 'इस बेहद अहम सप्लाई ऑर्डर' को सिर्फ दो महीने के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। InsideFPV ने अपने सिस्टम को खास तौर पर उन जगहों के लिए डिज़ाइन किया है, जहां GPS काम नहीं करता और मौसम बहुत खराब होता है। कंपनी के टैक्टिकल हार्डवेयर भारत के अलग-अलग इलाकों में, जैसे -35°C की कड़ाके की ठंड वाले पहाड़ों से लेकर 50°C की गर्मी वाले मैदानी और रेगिस्तानी इलाकों में भी बखूबी काम करते हैं।

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InsideFPV के CEO, अर्थ चौधरी ने कहा, "हमारे कामिकाज़ी और FPV सिस्टम को खासतौर पर भारत के सबसे मुश्किल इलाकों के लिए बनाया गया है। ये -35°C के तापमान में भी भरोसे के साथ काम करते हैं। सिर्फ दो महीने में इस ऑर्डर को पूरा करना यह साबित करता है कि हम रक्षा मंत्रालय की तय समय-सीमा के अंदर, बिना क्वालिटी से समझौता किए, बड़ी संख्या में ड्रोन बना सकते हैं।"

इस तेज डिलीवरी और बढ़ते खरीद ऑर्डर को पूरा करने के लिए, गुजरात की यह कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को 20,000 वर्ग फुट की एक नई जगह पर शिफ्ट कर रही है। इससे कंपनी सैकड़ों से हजारों ड्रोन बनाने में सक्षम होगी। इस विस्तार से यह पक्का होगा कि कंपनी सेना की सख्त डेडलाइन को पूरा कर सके और विदेशी पुर्जों पर निर्भरता कम करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी आगे बढ़ा सके। 10 करोड़ रुपये का यह तेजी से पूरा किया गया कॉन्ट्रैक्ट भारत की रक्षा खरीद के बदलते पैटर्न को भी दिखाता है।

अपने मुख्य कामिकाज़ी ड्रोन के अलावा, InsideFPV इंटरसेप्टर, स्वार्म टेक्नोलॉजी, और GPS डिनाइड नेविगेशन जैसी तकनीकों के लिए R&D में भी निवेश कर रही है। साथ ही, कंपनी भारतीय सीमाओं से बाहर विस्तार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर MoU (समझौता ज्ञापन) पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही है।