होर्मुज जलडमरूमध्य पर कंट्रोल से ईरान जहाजों से फीस वसूलकर हर महीने ₹42,000 करोड़ कमा रहा है। वहीं, मिडिल ईस्ट संकट के चलते चीन ने 15 दिन में दूसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं।
टिमरान: ईरान किसी की धमकी से डरे बिना होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना कंट्रोल बनाए हुए है। इसकी सबसे बड़ी वजह है यहां से होने वाली मोटी कमाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को होर्मुज से हर महीने 42,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम आमदनी हो रही है। यही वजह है कि वो किसी भी दबाव में आए बिना इस रास्ते पर अपना नियंत्रण जारी रखे हुए है।
जानकारों का मानना है कि जंग से पहले होर्मुज से हर दिन 100 से 135 जहाज गुजरते थे, जिनमें 2 से 2.3 करोड़ बैरल कच्चा तेल होता था। जंग शुरू होने के बाद ईरान ने इस रास्ते पर पाबंदियां लगा दीं। अब कहा जा रहा है कि ईरान यहां से गुजरने वाले हर जहाज से 18 करोड़ रुपये की फीस वसूल रहा है। इस हिसाब से उसे हर महीने करीब 42,000 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है। माना जा रहा है कि यह पैसा ईरान की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ी ताकत देगा।
चीन: 15 दिन में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
बीजिंग: मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट का असर अब चीन में तेल की कीमतों पर भी दिखने लगा है। चीन की सरकार ने 15 दिनों के अंदर दूसरी बार देश में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। नई कीमतें बुधवार से ही लागू हो जाएंगी। इस बढ़ोतरी के तहत, गैसोलीन की कीमत में प्रति टन 5673 रुपये का इजाफा किया गया है। वहीं, डीजल के दाम प्रति टन 5394 रुपये बढ़ाए गए हैं।


