US मिडटर्म्स से करीब 5 सप्ताह पहले IRGC ने 25-पेज के पत्र में Donald Trump की नीतियों को ठुकराने, Israel समर्थन व विदेशी युद्धों का विरोध करने को कहा और ‘शांतिपूर्ण सहअस्तित्व’ की पेशकश की। परमाणु विवाद, UNGA में ट्रंप की ‘नष्ट कर सकता हूं’ टिप्पणी और हॉर्मुज़ नाकाबंदी पर ईरान की शर्तें भी रखीं।
UN General Assembly: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से करीब पांच सप्ताह पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी मतदाताओं को सीधे संबोधित करते हुए 25 पन्नों का खुला पत्र जारी किया है। पत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को खारिज करने की अपील की गई है। IRGC ने अमेरिका से इजरायल के समर्थन और विदेशी युद्धों में उसकी भूमिका पर पुनर्विचार करने को कहा है। साथ ही दावा किया गया है कि अमेरिकी नीति में बदलाव होने पर ईरान और अमेरिका के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व संभव है।
अमेरिकी जनता और सरकार के बीच फर्क
IRGC ने अपने संदेश में अमेरिकी जनता और अमेरिकी सरकार को अलग-अलग बताया। संगठन के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने कहा कि अमेरिकी नागरिक कई घटनाक्रमों की पूरी जानकारी नहीं रखते और अगर उन्हें अधिक जानकारी मिले तो वे अलग फैसले ले सकते हैं। उन्होंने यह भी माना कि इस पत्र से मौजूदा अमेरिकी प्रशासन का रुख बदलने की उम्मीद नहीं है, लेकिन इसका उद्देश्य सीधे अमेरिकी मतदाताओं तक पहुंचना है।
ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप
पत्र में IRGC ने ट्रंप पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। संगठन का दावा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और अमेरिका तथा इजरायल द्वारा किए गए सैन्य अभियान अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल नहीं कर सके। हालांकि ये दावे IRGC के हैं और पत्र में इन्हें ईरान के दृष्टिकोण के रूप में पेश किया गया है।
मोहेबी ने ट्रंप की ईरान नीति की भी आलोचना की और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सैनिकों की जिम्मेदारी उनके नेतृत्व में होने पर सवाल उठाए। IRGC ने अपने पत्र में अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में जरूरी बताया है।
हॉर्मुज को लेकर अमेरिका-ईरान में तनाव
खुले पत्र में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर भी अमेरिकी दावों को चुनौती दी गई। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ईरान का कहना है कि उसके पास इस क्षेत्र में अभी भी महत्वपूर्ण नियंत्रण और दबाव बनाने की क्षमता है, जबकि अमेरिका की ओर से जलमार्ग और तेल आपूर्ति को लेकर अलग स्थिति रखी गई है।
सात दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव
इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिशें भी जारी हैं। कतर दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने में भूमिका निभा रहा है। ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और व्यापक बातचीत शुरू करने से जुड़ा सात दिन का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्टों के मुताबिक इसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, ईरानी तेल निर्यात पर राहत और युद्धविराम जैसी शर्तें शामिल हैं।
हॉर्मुज को लेकर तनाव और अमेरिकी मिडटर्म चुनावों की नजदीकी ने ईरान-अमेरिका विवाद को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे समय में IRGC का अमेरिकी मतदाताओं को सीधे संबोधित करना दोनों देशों के बीच जारी राजनीतिक और कूटनीतिक टकराव का एक नया पहलू सामने रखता है।
