ईरान में युद्ध के तनाव के बीच नेशनल मैरिज डे पर सामूहिक विवाह हुआ। "जन-फ़दा" समारोह में तेहरान में 1,000 जोड़ों ने शादी की। जश्न में सैन्य थीम वाली गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया।
ईरान में धू अल-हिज्जा महीने की पहली तारीख (18-19 जुलाई) को नेशनल मैरिज डे मनाया जाता है। इस बार देश में ये दिन जंग के डर के साए में आया। 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने कथित तौर पर एकतरफा जंग शुरू कर दी थी, जिससे ईरान को भारी नुकसान हुआ। हालांकि, पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अभी कुछ समय के लिए युद्धविराम है, लेकिन लड़ाई कभी भी फिर से शुरू हो सकती है। इसी तनाव भरे माहौल के बीच ईरान में शादियों का ये बड़ा जश्न मनाया गया।

सामूहिक विवाह का जश्न
"जन-फ़दा" नाम के इस सामूहिक विवाह समारोह में करीब 1,000 जोड़ों ने एक साथ शादी की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए शादीशुदा जोड़ों के लिए सेना के साजो-सामान से सजी गाड़ियां सड़कों पर उतरीं। अकेले राजधानी तेहरान में 1,000 शादियां हुईं। शहर के मुख्य चौराहों पर एक ही समय में कार्यक्रम हुए। मिलिट्री थीम वाली गाड़ियों के काफ़िले ने इस जश्न को एक अलग ही रंग दिया। देश की खराब आर्थिक हालत के बावजूद ये जश्न काफ़ी खास रहा।
देर रात तक चला जश्न
ईरान में यह दिन इमाम अली और पैगंबर मुहम्मद की बेटी फातिमा की शादी की सालगिरह के तौर पर मनाया जाता है। पिछले सालों के मुकाबले इस बार का जश्न अलग था, क्योंकि एक साथ कई शहरी सेंटर्स को शादी के वेन्यू में बदल दिया गया। इस कार्यक्रम का मकसद शादियों को बढ़ावा देना और युवा जोड़ों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। हज़ारों लोगों ने इन शादियों को देखा। जश्न में सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय दूल्हा-दुल्हन के लिए तैयार की गईं मिलिट्री गाड़ियां रहीं। देर रात तक मुख्य शहरों में पारंपरिक संगीत और डांस के साथ जश्न चलता रहा।
