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कौन हैं रज़ा पहलवी? ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस फिर से क्यों हुए बागी? जानिए बगावत की असली वजह
Raza Pahlavi Calls For Democracy In Iran: ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी कौन हैं, वो फिर क्यों सक्रिय? क्या अब ईरानी लोग अपने अधिकार और सरकार से जवाबदेही के लिए सड़कों पर उतरेंगे? इंटरनेट बंद के बीच उनका नया कदम कितना असर डाल सकता है?

Raza Pahlavi Iran Crown Prince Exile And Protests 2026: ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं। ईरानी जनता के लिए उनकी अपील, तेहरान विरोध प्रदर्शन, ईरान इंटरनेट बंद, रज़ा पहलवी रैली आह्वान, और ईरान लोकतंत्र आंदोलन जैसे कीवर्ड इस समय इंटरनेट और न्यूज चैनलों पर ट्रेंड कर रहे हैं। आखिर रज़ा पहलवी कौन हैं और क्यों अब उन्होंने ईरान में सक्रिय होकर जनता को एकजुट करने का आह्वान किया है?
रज़ा पहलवी कौन हैं और उनका इतिहास क्या है?
रज़ा पहलवी का जन्म 31 अक्टूबर 1960 को तेहरान में हुआ था। वे ईरान के दिवंगत शाह मोहम्मद रज़ा शाह और महारानी फराह पहलवी के बेटे हैं। 1967 में उनके पिता के राज्याभिषेक के दौरान उन्हें क्राउन प्रिंस घोषित किया गया। 1978 में सिर्फ 17 साल की उम्र में वह टेक्सास, अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने यूनाइटेड स्टेट्स एयर फ़ोर्स में जेट फाइटर ट्रेनिंग की। बाद में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ सदर्न कैलिफ़ोर्निया से पॉलिटिकल साइंस में डिग्री भी हासिल की।
राजनीति और सेना में शुरुआती अनुभवों के बाद रज़ा पहलवी ने ईरान-इराक युद्ध में फाइटर पायलट बनने की इच्छा जताई, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। इसके बाद भी उन्होंने ईरान में सेक्युलर लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रता के लिए लगातार आवाज़ उठाई। उन्होंने इस विषय पर तीन किताबें भी लिखीं, जो ईरान की राजनीति और भविष्य पर उनके विचारों को दर्शाती हैं।
अब रज़ा पहलवी फिर क्यों सक्रिय हुए हैं?
हाल ही में ईरान में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन, खासकर तेहरान में, आर्थिक संकट, बेरोज़गारी और सरकार के खिलाफ नाराजगी की बड़ी झलक दिखाते हैं। रज़ा पहलवी ने इन विरोधों की सराहना की और इसे संकेत माना कि जनता अगले चरण के कोऑर्डिनेटेड प्रदर्शन के लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से घरों और छतों से नारे लगाने का आह्वान किया, ताकि सरकार और दुनिया दोनों उनकी आवाज़ सुन सकें।
क्या रज़ा पहलवी का उद्देश्य सिर्फ नारे लगवाना है?
नहीं, उनका उद्देश्य है कि जनता की आवाज़ दुनिया तक पहुंचे, और अंतरराष्ट्रीय नेताओं से ईरानी लोगों का समर्थन मिल सके। उन्होंने यूरोपीय नेताओं और अमेरिकी प्रशासन से ईरान सरकार को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया। उनका मानना है कि अगर सरकार इंटरनेट बंद कर देती है, तो यह और भी बड़ी प्रतिक्रिया पैदा करेगी और प्रदर्शनकारी सड़कों पर और मजबूती से उतरेंगे।
क्या रज़ा पहलवी ईरान में बदलाव ला सकते हैं?
रज़ा पहलवी ने 12 जून, 1986 को यास्मीन एतेमाद-अमिनी से शादी की। उनकी तीन बेटियां हैं: नूर पहलवी (जन्म 3 अप्रैल, 1992), ईमान पहलवी (जन्म 12 सितंबर, 1993), और फराह पहलवी (जन्म 17 जनवरी, 2004)। उनके इतिहास, किताबें और राजनीतिक दृष्टिकोण यह दिखाते हैं कि वे सैकुलर लोकतंत्र और नागरिक आज़ादी के मजबूत समर्थक हैं। रज़ा पहलवी का फिर से सक्रिय होना सिर्फ खबर नहीं, बल्कि ईरान की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में संभावित बदलाव का संकेत है। उनके आह्वान और जनता की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं।

