जयपुर में हथिनी 'चंचल' की मौत पर विवाद छिड़ गया है। 4 महीने पहले एक पिंक फोटोशूट के लिए उसे रंगा गया था, जिसे लोग मौत का कारण मान रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने उम्र संबंधी समस्याओं को वजह बताते हुए इसे स्वाभाविक मौत कहा है।

जयपुर से एक हैरान करने वाली खबर है। एक हथिनी 'चंचल' की मौत हो गई है, और उसकी मौत को पिछले साल हुए एक 'पिंक फोटोशूट' से जोड़ा जा रहा है। चंचल वही हथिनी है जिसे पिछले साल नवंबर में एक फोटोशूट के लिए गुलाबी रंग से रंग दिया गया था। अब, करीब चार महीने बाद, उसकी मौत पर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है। लोग आरोप लगा रहे हैं कि फोटोशूट में इस्तेमाल हुए रंग की वजह से उसकी जान गई।

यह फोटोशूट एक रूसी मॉडल और फोटोग्राफर ने जयपुर के एक पुराने मंदिर में किया था। इसमें करीब 70 साल की हथिनी चंचल को सिर से पांव तक गुलाबी रंग में रंगा गया था। मॉडल ने खुद भी गुलाबी रंग लगाकर हथिनी के ऊपर बैठकर पोज दिए थे।

जब ये तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए थे, तब भी लोगों ने एक जानवर को इस तरह इस्तेमाल करने पर गुस्सा जाहिर किया था। अब 26 फरवरी को चंचल की मौत के बाद यह मामला फिर से गरमा गया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि चंचल की मौत उम्र से जुड़ी समस्याओं के कारण हुई है और इसका फोटोशूट से कोई लेना-देना नहीं है।

चंचल जयपुर के 'हाथी गांव' की रहने वाली थी, जहां महावत हाथियों को पालते हैं और उनकी देखभाल करते हैं। हथिनी के मालिक शादिक खान ने बताया कि चंचल की उम्र करीब 65 साल थी और उसकी मौत स्वाभाविक है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “इस बेजुबान की मौत के लिए रूसी फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा के खिलाफ बिना किसी बहाने के कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वन विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।”

अधिकारियों ने इस बात से साफ इनकार किया है कि चंचल की मौत का कारण फोटोशूट में इस्तेमाल हुआ रंग है। उनका कहना है कि होली में इस्तेमाल होने वाले ऑर्गेनिक गुलाल पाउडर का इस्तेमाल किया गया था, जिसे कुछ ही मिनटों में धो दिया गया था।

स्थानीय पशु डॉक्टरों के सूत्रों ने भी बताया कि फोटोशूट के समय हथिनी को कोई चोट या केमिकल रिएक्शन नहीं हुआ था। इसके बावजूद, चंचल की मौत की टाइमिंग और वीडियो का फिर से वायरल होना, ऑनलाइन अटकलों को हवा दे रहा है।

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