Who is Jalaun DM? उत्तर प्रदेश के जालौन में एक बेबस पिता एक मजबूर पिता अपने तीन बच्चों के साथ DM दफ्तर के सामने धरने पर है। उसने जब अपनी पत्नी की मार्मिक कहानी सुनाई तो हर कोई भावुक हो गया।

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। जिसे जानकर आप भी इमोशनल हो जाएंगे। यहां एक पीड़ित युवक अपने तीन छोटे छोटे मासूम बच्चों के साथ जिले डीएम यानि कलेक्ट्रर दफ्तर के सामने धरना दे रहा है। वह डीएम साहब से गुहार लगाते हुए कहता है कि 'साहब मेरी पत्नी तीन महीने से ज्यादा समय से लापता है, अभी तक उसका कुछ पता नहीं है वो कहां है...उसको ला दीजिए'।

‘’साहब मेरी पत्नी लापता हो गई…

दरअसल, युवक रोते हुए कहता है कि मैं मजबूर होकर डीएम साबह के पास आया हूं। क्योंकि पुलिस मेरी पत्नी को खोज नहीं रही है। मैंने कई दिन पहले थाने में शिकायत भी की। लेकिन कोई पुलिसवाला मेरी बात नहीं सुन रहा है। इसलिए बेबस होकर कलेक्ट्रर साहब के पास आया हूं। वह आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानसिक तनाव के बीच वह कहता है कि सभी जगह से निराश होकर यहां आया हूं।

पति की बेबसी की कहानी रूला देगी

बता दें कि पीड़ित युवक जालौन जिले के उरई थाने क्षेत्र के रहिया गांव का रहने वाला है। जिसका नाम ऋषि राज है और मजदूरी करके जीवन यापन करता है। युवक का कहना है कि उसकी पत्नी अनीता उर्फ ममता (32 वर्ष) बीती 11 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता हो गई थी। मैंने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर जाकर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। फिर मजबूर होकर उरई कोतवाली पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन तीन महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस की तरफ से कोई जांच पड़ताल नहीं की गई। युवक का कहना है कि अगर पुलिस जिम्मेदारी और गंभीरता से मामले को लेती तो शायद आज यह दिन नहीं आता। पत्नी के जाने से मेरा परिवार बिखर गया है। छोटे छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका पेट भरने के लिए मोहताज हूं। क्योंकि दिनभर बीवी को तलाशता हूं, तो काम पर नहीं जा पाता।

कौन हैं यूपी के जालौन में DM?

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के वर्तमान जिलाधिकारी (DM) राजेश कुमार पांडेय हैं। 30 अप्रैल 1971 को जन्में राजेश कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के 2012 बैच के एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। जलौन डीएम बनने से पहले वह कई जिलों के एसडीएम रह चुके हैं। वह अपने बेहतरीन काम की बदौलत राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं।