बिहार विधान परिषद चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने दरभंगा शिक्षक सीट जीतकर अपना खाता खोला। सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराया। जानिए चुनाव के नतीजे और विपक्षी दलों की भूमिका।
Jan Suraj MLC Election: बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' ने अब बिहार विधान परिषद (MLC) में भी अपना खाता खोल लिया है। हाल ही में हुए विधान परिषद की 8 सीटों के चुनावों में सत्ताधारी एनडीए (NDA) का दबदबा कायम रहा और उसने 5 सीटों पर कब्जा जमाया। वहीं, दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गईं, जबकि एक महत्वपूर्ण सीट जीतकर जन सुराज ने सबको चौंका दिया है। आइए जानते हैं इस चुनाव से जुड़ी हर बड़ी बात।
Jan Suraaj MLC Win: दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सुरेश प्रसाद राय की जीत
- किसने किसको हराया: जन सुराज समर्थित उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी और दिग्गज नेता मदन मोहन झा को 324 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी।
- शुरुआती बढ़त: सुरेश प्रसाद राय (जो पहले बीजेपी से जुड़े थे) ने पहली प्राथमिकता के वोटों की गिनती में शुरू से ही जो बढ़त बनाई, उसे अंत तक कायम रखा। हार की हताशा के चलते मदन मोहन झा तो गिनती पूरी होने से पहले ही केंद्र से चले गए।
- वोटों का गणित: इस चुनाव में सुरेश प्रसाद राय (जन सुराज) को कुल 2,574 वोट मिले, जबकि मदन मोहन झा (कांग्रेस) को 2,187 वोट और सीपीएम उम्मीदवार रामदेव राय को 1,498 वोट मिले। आरजेडी उम्मीदवार कुमार राउत इस रेस में काफी पीछे छूट गए। उन्हें सिर्फ 126 वोट मिले। राय ने मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराया। मतगणना पूरी होने से पहले ही झा केंद्र से चले गए। राय पहले BJP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं और उस समय दूसरे स्थान पर रहे थे।
Mahagathbandhan Rift: आपसी कलह और 'दोस्ताना लड़ाई' बनी कांग्रेस की हार का कारण
महागठबंधन के भीतर का आपसी घमासान एक बार फिर हार की मुख्य वजह बना है:
- त्रिकोणीय मुकाबला: दरभंगा निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस, आरजेडी और सीपीएम तीनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए, जिसका सीधा फायदा जन सुराज को मिला।
- इतिहास का दोहराव: जैसे विधानसभा उपचुनावों के दौरान महागठबंधन में 'दोस्ताना लड़ाई' देखने को मिली थी और एनडीए इसका फायदा ले गया था, वही हाल विधान परिषद चुनाव में भी दोहराया गया। कांग्रेस और आरजेडी पटना और दरभंगा जैसी कई सीटों पर आमने-सामने नजर आए।
NDA Dominance: एनडीए का दबदबा और कांग्रेस का सिमटता दायरा
बिहार विधान परिषद की इन 8 सीटों के नतीजों ने एनडीए की स्थिति को और मजबूत कर दिया है:
- सत्ताधारी गठबंधन: एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटों पर जीत दर्ज की है।
- कांग्रेस को झटका: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा की हार से पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है, क्योंकि अब विधान परिषद में पार्टी का रसूख और कमजोर हो गया है। प्रशांत किशोर की पार्टी की यह एंट्री आने वाले दिनों में बिहार के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे सकती है।






