CBD Ground Delhi : दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब विरोध-प्रदर्शन नहीं होंगे। क्योंकि इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से 33 साल बाद हटा दिया है। अब CBD ग्राउंड, रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों में शामिल किया गया है।

दिल्ली. चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर है कि अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसे प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया है। अब आंदोलन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को नए स्थल के रूप में तय किया गया है। इस फैसले के बाद CBD ग्राउंड चर्चा में है। तो आइए जानते हैं यह मैदान कहां है और इसकी क्या खासियतें हैं?

1. क्या है CBD ग्राउंड?

CBD ग्राउंड पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके में स्थित है। CBD का मतलब Central Business District होता है। यह इलाका दिल्ली के पूर्वी हिस्से में व्यावसायिक और शहरी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। अब इसे धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों में शामिल किया गया है।

2. संसद से कितनी दूर है?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, CBD ग्राउंड से संसद भवन की दूरी करीब 15 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से कार में लगभग 47 मिनट लग सकते हैं। पैदल संसद तक पहुंचने में तीन घंटे से ज्यादा लग सकते हैं। हालांकि, वास्तविक समय ट्रैफिक और रास्ते पर निर्भर करेगा।

3. क्या है इसकी खासियत?

  • यह मध्य दिल्ली के बजाय पूर्वी दिल्ली में स्थित है।
  • इसे धरना-प्रदर्शन के लिए आधिकारिक रूप से निर्धारित किया गया है।
  • यहां प्रदर्शन आयोजित करने की विस्तृत प्रक्रिया और नियमों के लिए दिल्ली पुलिस की संशोधित SOP जारी होनी है।

4. जंतर-मंतर के बाद यहीं होंगे आंदोलन?

CBD ग्राउंड अब दिल्ली के तीन निर्धारित प्रदर्शन स्थलों में से एक है। हालांकि, सभी आंदोलन यहीं नहीं होंगे। रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान भी नए निर्धारित स्थलों में शामिल हैं। किस प्रदर्शन के लिए कौन-सा स्थल मिलेगा, यह लागू नियमों और पुलिस की अनुमति पर निर्भर करेगा।

5. जंतर-मंतर से क्या बदलेगा?

जंतर-मंतर संसद और केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के करीब होने के कारण लंबे समय से आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। CBD ग्राउंड पर प्रदर्शन होने से प्रदर्शनकारियों को मध्य दिल्ली तक पहुंचने के लिए ज्यादा दूरी तय करनी पड़ सकती है। इससे प्रदर्शन की जगह और संसद तक मार्च की योजना पर असर पड़ सकता है। यह बदलाव सुरक्षा, यातायात और प्रदर्शन प्रबंधन को लेकर किए गए फैसले के तहत हुआ है।