दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है। जानिए इस बड़ी घटना की पूरी अपडेट।

Jantar Mantar Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां कवरेज करने पहुंचीं महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के जवानों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी, छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न किया है, जिसके बाद से पत्रकारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

FIR दर्ज न होने पर पत्रकारों का धरना और राहुल गांधी का हमला

घटना के बाद से ही सैकड़ों पत्रकार आरोपियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले में सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है, फिर भी एक महिला पत्रकार की शिकायत पर अब तक मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कैमरे छीने, महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटा और उन पर हाथ उठाया।

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Delhi Police: तीन महिला पत्रकारों की शिकायत मिली

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने की स्थिति में तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। नई दिल्ली जिले को मिली शिकायतों को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर पत्रकारों ने धरना दिया और आरोपों पर FIR दर्ज करने की मांग की।

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CJP और AISA ने लगाए ACP विवेक भगत पर गंभीर आरोप

इस पूरे विवाद में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और वामपंथी छात्र संगठन AISA ने भी कूदकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। CJP के प्रवक्ताओं ने सीधे तौर पर एसीपी (ACP) विवेक भगत का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने एक महिला पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गलत तरीके से छुआ। संगठनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस अधिकारी अपने ही महकमे के दोषी अधिकारी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और पीड़ितों की शिकायतें दबाई जा रही हैं। AISA ने भी बयान जारी कर कहा कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने भीड़ नियंत्रित करने के नाम पर महिलाओं और पत्रकारों के साथ बेहद शर्मनाक हरकतें की हैं।

दिल्ली पुलिस ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी

बढ़ते दबाव और मीडिया के कड़े रुख को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया है। पुलिस का कहना है कि उन्हें तीन महिला पत्रकारों से यौन और शारीरिक उत्पीड़न की शिकायतें मिली हैं। मामले की गंभीरता को भांपते हुए निष्पक्ष जांच के लिए इन सभी शिकायतों को तुरंत क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। हालांकि, पुलिस की यह दलील पत्रकारों को शांत करने के लिए काफी नहीं दिख रही है, क्योंकि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और एफआईआर नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहने की आशंका जताई जा रही है।