Rapido Pink Ride बुक करने वाली महाराष्ट्र की महिला को पुरुष कैप्टन का फोन आया। महिला ने सुरक्षा पर सवाल उठाए। मामला वायरल होने के बाद Rapido ने माफी मांगी, जांच की और कैप्टन की ID हमेशा के लिए प्लेटफॉर्म से हटा दी।
Rapido Pink Bike Service: महाराष्ट्र की सड़कों पर कैब और बाइक सर्विस का इस्तेमाल करने वाले लोग इन दिनों एक अजीब और चिंताजनक मामले की चर्चा कर रहे हैं। शालिनी चतुर्वेदी नाम की एक महिला ने जब महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रैपिडो की सिर्फ महिलाओं के लिए बनी 'पिंक बाइक सर्विस' बुक की, तो उनके साथ जो हुआ उसने ऐप की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुक करने पर ऐप में महिला की फोटो दिख रही थी, लेकिन जब फोन आया तो दूसरी तरफ एक पुरुष ड्राइवर था।
'पिंक राइड' में पुरुष ड्राइवर और अजीब बहाना
शालिनी ने जब राइडर से पूछा कि उन्होंने महिलाओं के लिए आरक्षित इस सर्विस में राइड क्यों स्वीकार की, तो ड्राइवर का जवाब सुनकर उनके होश उड़ गए। उस पुरुष ड्राइवर ने बड़े आराम से कहा, "मैडम, मैं गे हूं।" इतना ही नहीं, ऐप पर प्रोफाइल फोटो भी किसी महिला की लगी हुई थी, जिससे साफ लग रहा था कि किसी ने फर्जी तरीके से सिस्टम को धोखा देकर महिला सर्विस में एंट्री ले ली थी। सुरक्षा को लेकर डरी हुई शालिनी ने तुरंत राइड कैंसिल कर दी, जिसके बाद कंपनी ने उन पर 15 रुपये का कैंसिलेशन चार्ज भी काट लिया।
महिला सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद शालिनी ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया और एक वीडियो शेयर किया जो तेजी से वायरल हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई अनजान पुरुष इस तरह घर तक आ जाए और महिला का चेहरा देख ले, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज के समय में महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ मुनाफे का सौदा बनकर रह गई है। वीडियो पर हजारों लाइक्स आने के बाद इंटरनेट पर हड़कंप मच गया और लोगों ने रैपिडो की सेफ्टी पॉलिसी पर जमकर सवाल दागे।
रैपिडो का एक्शन: ड्राइवर की आईडी हमेशा के लिए ब्लॉक
मामला तूल पकड़ने के बाद रैपिडो कंपनी हरकत में आई। कंपनी ने पहले माफी मांगते हुए मामले की जांच का भरोसा दिया और कैंसिलेशन फीस वापस करने की बात कही। हालांकि, यूजर के असंतोष जाहिर करने और यह खुलासा करने के बाद कि ड्राइवर ने शायद अपनी किसी महिला रिश्तेदार की आईडी का गलत इस्तेमाल किया था, रैपिडो ने और सख्त कदम उठाया। कंपनी ने आरोपी ड्राइवर को हमेशा के लिए अपने प्लेटफॉर्म से ब्लॉक कर दिया और इसका सबूत भी यूजर के साथ शेयर किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।


