झारखंड की राजधानी रांची में PSC-SSC में धांधली के खिलाफ हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेरने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इसी बीच सोमवार को छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, एंबुलेंस से इस प्रदर्शन में शामिल हुए और कहा कि सरकार को छात्रों की मांगें माननी ही होंगी।
रांची: झारखंड में परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर बवाल बढ़ने लगा है। सोमवार को हाजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेरने आगे बढ़ रहे हैं। इसी बीच झारखंड लोकतान्त्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो, JPSC-JSCC सुधार मोर्चा के 'विधानसभा घेराव' मार्च में शामिल हुए। उन्होंने साफ कहा कि राज्य सरकार को "छात्रों की मांगें सुननी ही पड़ेंगी।" इससे साफ तौर पर यह क्लियर हो गया है कि छात्र अब आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए आगे आ चुके हैं।
अब हेमंत सरकार को सुननी ही होगी
बता दें कि देवेंद्र नाथ महतो ने एक हाथ में तिरंगा पकड़ रखा है तो दूसरे हाथ में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर लिए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में हेमंत सरकार को चेतावनी देते हुए कहा-"भूख हड़ताल पर होने के बावजूद, ये कंटीले तार हमें रोक नहीं पाएंगे। मैं यहां एक एंबुलेंस में आया हूं। सरकार को हमारी बात सुननी ही होगी।"
"मैं कोई भगवान या मसीहा नहीं हूं;
देवेंद्र नाथ महतों ने लोगों से उन्हें हीरो न बनाने की अपील करते हुए कहा, "मैं कोई भगवान या मसीहा नहीं हूं; मैं एक आम आदमी हूं। मेरी निजी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आएगा। लेकिन भूख हड़ताल से ज़्यादा दर्द ये कंटीले तार दे रहे हैं। छात्रों ने बैरिकेडिंग की तीन परतें पार की हैं। सरकार अराजकता क्यों चाहती है और छात्रों की मांगों पर सहमत क्यों नहीं हो रही है?"
जन्मदिन पर सीएम सोरोन को दिया अल्टीमेटम
महतों ने आगे कहा कि आज झारखंड के मुख्यमंत्री का जन्मदिन है, और उन्हें ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे यहां दिल्ली के जंतर-मंतर जैसी कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो जाए। ऐसा कुछ न करें जिससे किसी का खून बहे या कोई घायल हो और भीड़ और भी उग्र हो जाए। गिरफ्तारी एक कानूनी प्रक्रिया है, लेकिन खून-खराबा नहीं होना चाहिए। अगर सरकार मांगों पर सहमत नहीं होती है, तो उसे लोकतंत्र की हत्या करने वाली सरकार के रूप में याद किया जाएगा। मैं अनशन खत्म नहीं करूंगा।"


