Raksha Bandhan 2026 : 28 अगस्त शुक्रवार को पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार बड़े जोश और पारंपरिक धूमधाम से मनाया जा रहा है। नेता से लेकर अभिनेता तक अपनी बहनों से राखी बंधवा रहे हैं। इसी बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को एक दसूरे राज्य से महिला मंत्री राखी बांधने के लिए पहुंची।

बेंगलुरु (कर्नाटक): झारखंड की कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने रक्षाबंधन के मौके पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को राखी बांधी और उन्हें त्योहार की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात काफी अच्छी रही और उन्होंने एक-दूसरे को त्योहार की बधाई दी। यह त्योहार भाई-बहन के बीच प्यार, भरोसे और सम्मान के रिश्ते का प्रतीक है। बता दें कि रांची से बेंगलुरु की दूरी करीब 2000 किलोमीटर दूर है। क्या इतनी दूरी तय करके महिला मंत्री सीएम शिवकुमार को राखी बांधने पहुंची।

मंत्री ने सीएम को भाई बनाकर बांधी राखी

  • जारी बयान के मुताबिक, मंत्री तिर्की ने कहा, "रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी स्नेह, विश्वास, सम्मान और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने का भी एक मौका है। इस पवित्र बंधन की भावना समाज और देश को एकजुट रहने के लिए प्रेरित करती है।"
  • तिर्की ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “कर्नाटक के माननीय मुख्यमंत्री श्री डी.के. शिवकुमार जी को राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस पावन अवसर पर उनसे आत्मीय मुलाकात हुई और भाई-बहन के स्नेह, विश्वास एवं सम्मान के इस रिश्ते को और मजबूत करने का सौभाग्य मिला। उन पर मां कामाख्या की असीम कृपा सदैव बनी रहे और उनका जीवन सुख, समृद्धि और सफलता से भरा रहे।”
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 <br>कर्नाटक और झारखंड के विकास का दिया तोहफा</h2><ul><li>बातचीत का मुख्य फोकस कर्नाटक और झारखंड के बीच कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर था। इसके अलावा, किसानों के लिए नई टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान, पशुधन मैनेजमेंट, दूध उत्पादन और प्रोसेसिंग, कोऑपरेटिव मॉडल, एग्रीकल्चरल प्रोसेसिंग और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। तिर्की ने कहा कि कर्नाटक ने कृषि, पशुपालन, डेयरी सेक्टर और सहकारिता के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। अगर दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल हो और इन सफल मॉडलों को अपनाने को लेकर अनुभव साझा किए जाएं, तो यह झारखंड के किसानों, पशुपालकों और सहकारी संस्थाओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।</li><li>उन्होंने आगे कहा कि झारखंड और कर्नाटक के बीच ज्ञान, टेक्नोलॉजी और अनुभव की साझेदारी किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार झारखंड के किसानों और पशुपालकों के फायदे के लिए दूसरे राज्यों की सफल पहलों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। (एएनआई)</li></ul></p>